featured यूपी

प्रदेश में बार-बार ‘एस्मा’ लगाकर तानाशाही दिखा रही योगी सरकार-ललन कुमार

प्रदेश में बार-बार 'एस्मा' लगाकर तानाशाही दिखा रही योगी सरकार-ललन कुमार

लखनऊ: यूपी कांग्रेस कमेटी के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के संयोजक ललन कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। ललन ने प्रदेश में तीसरी बार एस्मा लगाए जाने पर सरकार की नियत पर सवाल उठाए है। ललन ने कहा है कि प्रदेश की योगी सरकार समय-समय पर तानाशाही दिखाती रहती है।

  • छः माह के लिए एस्मा लगाकर सरकार ने कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है-ललन कुमार
  • योगी सरकार की कायरता ने उनके तानाशाही रवैये को जन्म दिया है-ललन
  • भाजपा सरकार अपने कर्तव्यों से भागते हुए कर्मचारियों के अधिकार छीन रही है-ललन
  • कर्मचारियों की आवाज़ दबाने के लिए सरकार बार-बार ‘एस्मा’ का उपयोग कर रही है- ललन
  • शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढाने का वादा आज तक पूरा नहीं हुआ-ललन

ललन ने तीखा हमला बोलते हुए कहा सरकार में तानाशाही उसकी कायरता के कारण आई। प्रदेश सरकार ने तीसरी बार का प्रयोग किया है। एस्मा लगने से प्रदेश में कोई भी कर्मचारी छह महीने तक हड़ताल नहीं कर सकेगा।

सरकार को आड़े हाथों लेते हुए ललन ने कहा अगले छह महीने तक सरकार किसी भी प्रकार के आदेश कर्मचारियों पर थोप सकती है, उनके साथ बिना किसी भी तरह का अन्याय किया जा सकता है और कर्मचारी विरोध स्वरुप अपनी कोई माँग सरकार के समक्ष नहीं रख सकते।

भारत में सभी को अपनी बात कहने का मौका-ललन

भारतीय लोकतंत्र देश के हर नागरिक को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए हड़ताल करने या किसी अन्य तरीके से विरोध दर्ज कराने की इजाज़त देता है। सरकार ने यह तुगलगी फ़रमान निकालकर उन कर्मचारियों के लोकतान्त्रिक अधिकारों का हनन किया है। अपनी माँगों को लेकर प्रदेश के विभिन्न विभागों से सम्बंधित कर्मचारी  हड़ताल के ज़रिये अपनी इन माँगों के समक्ष रखते हैं। जिसको सुनना एवं हल निकालना सरकार का कार्य है। परन्तु सरकार अपने कर्तव्यों से भागते हुए कर्मचारियों के अधिकार छीन रही है।

शिक्षामित्रों की नहीं सुन रही सरकार

शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों द्वारा लम्बे समय से की जा रही मांगों को लेकर योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आश्वासन दिया था कि शिक्षामित्रों का मानदेय 10, 000 एवं अनुदेशकों का मानदेय 17000 किया जाएगा। जिससे प्रदेश के 30 हज़ार शिक्षा मित्रों एवं 34000 अनुदेशकों को फायदा मिलेगा। मगर आज तक यह वादा पूरा नहीं हो सका है। इन कारणों से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। ये सभी कर्मचारी अपनी इन माँगों को लगातार सरकार के सामने रख रहे हैं। इनकी आवाज़ दबाने के लिए सरकार बार-बार एस्मा का उपयोग कर रही है।

स्वास्थ्य कर्मियों से धोखा

कोरोना की दूसरी लहर के चलते लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में कई स्वास्थ्य कर्मियों की इस शर्त पर सेवाएँ ली गयीं थीं कि अब उन्हें नियमित कर दिया जाएगा। मगर दूसरी लहर का पीक कम होने पर उन स्वास्थ्य कर्मियों को ठेंगा दिखाते हुए उनकी सेवाएं लेने से इनकार कर दिया। इस पर स्वास्थ्य कर्मियों ने अपना विरोध जताते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया। अब पुलिस द्वारा उन्हें कहा जा रहा है कि जिद न करो अन्यथा अन्दर कर दिए जाओगे। अभी तो सरकारी नौकरी के कई और मौके मिलेंगे पर यदि एक बार जेल में बंद कर दिए गए तो फिर भविष्य खराब हो जाएगा।

सरकार ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया

सीएम  योगी आदित्यनाथ की भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के शुरुआत से ही झूठे वादे करते आ रही है। मगर 4 वर्ष बीत जाने के बाद भी उन वादों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनके आश्वासनों से त्रस्त होकर जब ये लोग अपनी आवाज़ उठाते हैं तो इसी प्रकार से उनकी आवाज़ को दबा दिया जाता है।

Related posts

यूपी के उप-मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने वाजपेयी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी

rituraj

गुजरात के नए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल लेंगे शपथ

Neetu Rajbhar

ब्रेन हेमरेज के अटैक के बाद एनडी तिवारी अस्पताल में भर्ती, हालत बनी नाजुक

piyush shukla