उत्तराखण्ड के सितारगंज की खुली जेल परिसर में अवैघ खनन के आरोपी जेल अधीक्षक बर्खास्त

उत्तराखण्ड के सितारगंज की खुली जेल परिसर में अवैघ खनन के आरोपी जेल अधीक्षक बर्खास्त

देहरादून। सितारगंज की खुली जेल में अवैध खनन कराने के आरोप में निलंबित वरिष्ठ जेल अधीक्षक संजीव कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया गया। वो मनमाने तरीके से छुट्टी पर भी चल रहे थे। सूत्रों के अनुसार, शुक्ला पर आरोप था कि सितारगंज में तैनाती के दौरान वर्ष 2012 से वर्ष 2014 तक नदी से सटे करीब 600 एकड़ जेल परिसर में अवैध खनन कराया गया, जिससे सरकार को 5 करोड़ के राजस्व का चूना लगा।

कई जांचों के बाद संजीव कुमार शुक्ला पर लगे आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद ही शासन ने उन्हें बर्खास्त कर दिया। उन पर अवैध खनन करवाने का आरोप था।

– पीवीके प्रसाद, आईजी जेल

तब इस मामले की शिकायत पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से की गई थी। फिर शुक्ला के खिलाफ कई जांचें हुईं और उन्हें वहां से हटाकर आईजी जेल कार्यालय में अटैच कर दिया गया। इस पर शुक्ला ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी उच्च स्तरीय जांच हुई। इस दौरान उन्हें पौड़ी जेल भी भेजा गया। मगर, वहां उन्होंने ज्वाइनिंग नहीं दी और लंबी छुट्टी पर रहे। कई जांचों के बाद वर्ष 2016 में प्रमुख सचिव गृह ने उन्हें निलंबित कर दिया। अब गृह विभाग ने बर्खास्तगी के आदेश कर दिए हैं।