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IPL Special: 150 रनों का पीछा करने के बाद भी हार गए धोनी, बताया मजेदार वाकया

ipl2019 ms dhoni IPL Special: 150 रनों का पीछा करने के बाद भी हार गए धोनी, बताया मजेदार वाकया

हैदराबाद। मुंबई इंडियंस से आईपीएल 2019 का फाइनल हारने के बाद भी चेन्नै सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने कैप्टन कूल वाले अंदाज में दिखे। मुंबई के एक रन से फाइनल हारने पर धोनी ने कहा कि मैच बड़ा मजेदार हो गया था जिसमें दोनों टीमें एक दूसरे को ट्रोफी पास कर रही थीं।
बता दें कि मैच में मुंबई की तरफ से तीन कैच छोड़ी गईं, वहीं चेन्नै ने दो विकेट रन आउट से गंवाए। धोनी यहां उन्हीं का जिक्र कर रहे थे। सिर्फ 150 रन का पीछा करने वाले मैच में हारने के बाद धोनी ने कहा, ‘आज का गेम ऐसा था जिसमें बेहतर करने की गुंजाइश थी। यह काफी मजेदार गेम था। दोनों ही टीमें एक दूसरे को ट्रोफी पास कर रही थीं। दोनों ने गलतियां कीं और आखिर में वह टीम जीती जिसने कम गलतियां की थीं।’

आगे धोनी ने टीम की तारीफ की लेकिन माना कि यह साल उनमें से नहीं था जिसमें उनकी टीम ने बहुत अच्छी क्रिकेट खेली हो। उन्होंने कहा, ‘हमारा मिडिल ऑर्डर हमेशा फ्लॉप रहा, फिर भी हम अबतक टिके रहे।’ हालांकि, धोनी ने माना कि पूरे सीजन में उनके गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
इंडियन प्रीमियर लीग 2019 के रोमांचक फाइनल में मुंबई इंडियंस ने चेन्नै सुपर किंग्स को हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम कर लिया। मात्र एक रन से मिली यह जीत रोहित की टीम के लिए काफी खास थी। जीत के बाद टीम ने कैसे जश्न मनाया देखिए

शुरुआती मुकाबले हारने के बाद मुंबई इंडियंस ने गजब वापसी कर चौथी बार ट्रोफी जीती। इसके साथ ही सबसे तेज हाफ सेंचुरी (हार्दिक पंड्या), परफेक्ट कैच ऑफ द सीजन (पोलार्ड), गेम चेंजर ऑफ न सीजन (राहुल चाहर) जैसे अवार्ड भी उनके पास आए। फाइनल हारने के बाद चेन्नै सुपर किंग्स के खेमे में उदासी छा गई। कोच स्टीफन फ्लेमिंग समेत पूरी टीम मायूस थी। इतनी अच्छी (80 रन) पारी के बाद भी मैच न जीत पाने का मलाल वॉटसन के चेहरे पर देखा गया। वहीं हार से नाराज भज्जी डगआउट में बल्ला पटकते दिखे। (फाइल फोटो)

आईपीएल प्लेऑफ में मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा बल्लेबाज के रूप में भले ही सफल नहीं हुए लेकिन उन्होंने कप्तान का रोल अच्छे से निभाया। बता दें कि कुल 15 मैचों में उनके बल्ले से 405 रन निकले। इसमें 2 अर्धशतक शामिल थे। जीत के बाद कप्तान के साथ जश्न मनाते जसप्रीत बुमराह। मैच जिताने में उनकी अहम भूमिका रही। बुमराह ने 4 ओवर्स में मात्र 14 रन देकर अंबाती रायूडु और ड्वेन ब्रावो के अहम विकेट निकाले।

मलिंगा द्वारा फेंकी गई मैच की आखिरी गेंद भला कौन भूल सकता है, जिसपर उन्होंने शार्दुल ठाकुर को पगबाधा आउट किया। जीत के बाद इसी खुशी में पोलार्ड ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। फाइनल में हारने के बाद चेन्नै के कप्तान ने कहा कि अब उनका फोकस वर्ल्ड कप पर होगा। वह बोले, ‘अब पहली प्राथमिकता वर्ल्ड कप है। चेन्नै के बारे में अब उसके बाद बात की जाएगी।’ अगले साल के प्लान पर उन्होंने कहा कि सीएसके टीम की गेंदबाजी अच्छी है लेकिन बल्लेबाजी पर उन्हें फोकस करना होगा।

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