युवा पीढ़ी के दम पर ही विश्व शक्ति बनेगा भारत: उपराष्ट्रपति

कुरुक्षेत्र। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि नवभारत निर्माण के लिए युवाओं के उत्साह और ऊर्जा के सही उपयोग जरूरी है। एक युवा देश के लिए मानव संसाधनों का समुचित उपयोग वर्तमान और आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती है। अगर युवा पीढ़ी को सही दिशा दी जा सके तो भारत एक विश्व शक्ति के रूप में उभर सकेगा। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आडिटोरियम हॉल में 31वें दीक्षान्त समारोह में बतौर मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे। इससे पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु, राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा व कुलसचिव डॉ. प्रवीण कुमार सैनी ने दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत् रूप से 31वें दीक्षान्त समारोह का शुभारंभ किया।

Venkaiah Naidu
Venkaiah Naidu

बता दें कि इस दौरान कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा के अनुरोध करने पर परम्परानुसार दीक्षान्त समारोह को शुरू करने की घोषणा की और 31वें दीक्षान्त समारोह में वर्ष 2016-17 सत्र के 106 विद्यार्थियों को पीएचडी, 35 को एमफिल सहित स्नातक व स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को डिग्रियां वितरित की और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने कला एवं भाषा संकाय के गौरव श्रीवास्तव, समाज विज्ञान संकाय की रीना सैनी, जीव विज्ञान संकाय की रवीना, विज्ञान संकाय की मंजीत कौर, शिक्षा संकाय की ज्योति अहलावत, प्राच्य विद्या संकाय की सलोनी मित्तल, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय की शिवानी, विधि संकाय के निशांत कुमार जिलोवा व अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय की नेहा को गोल्ड व मेरिट सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया।

वहीं उपराष्ट्रपति ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को देश की सबसे सुंदर यूनिवर्सिटी की संज्ञा देते हुए और इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार और विश्वविद्यालय के कुलपति की प्रशंसा करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र की इस पुण्य भूमि का न केवल हरियाणा राज्य में अपितु सम्पूर्ण भारतवर्ष एवं करोड़ो भारतीयों के मानस में एक विशेष स्थान है। यह गीता स्थली हमारी पुरानी सभ्यता की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व भौतिक समृद्धि का परिचायक रही है। इस पावन धरा पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय हरियाणा का पहला ए प्लस श्रेणी का विश्वविद्यालय है। यह विश्वविद्यालय हरियाणा ही नहीं अपितु पूरे देश में एक आदर्र्श स्वायत्त संस्था के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।

उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा देश है। इस देश में करीब 65 प्रतिशत हिस्सा युवा शक्ति है इसलिए इस युवा शक्ति का सदुपयोग कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जा सकती है। उन्होंने आस्ट्रेलिया में कॉमन वेल्थ गेम्स में खिलाडिय़ों के सराहनीय प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश को गोल्ड मेडल जिताने में हरियाणा के खिलाडिय़ों का भी अहम योगदान है। इसके लिए भी राज्य सरकार बधाई की पात्र है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में स्वराज शासन की स्थापना करने की तरफ आगे बढ़ रही है इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ-साथ आम नागरिकों को अपना योगदान देना चाहिए लेकिन देश में अभी भी कई जगह ऐसी घटनाएं घट रही हैं जो देश के विकास के लिए सही नहीं हैं। अगर किसी को अपनी शंका व समस्या का समाधान करना है तो उनको अहिंसा और प्रदर्शन का रास्ता छोडक़र शान्ति, सद्भावना का मार्ग इख्तियार करना होगा।

साथ ही कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कैलाश चन्द्र शर्मा ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा 31वां दीक्षान्त समारोह आयोजित करना एक एेतिहासिक क्षण है। इस विश्वविद्यालय द्वारा लगातार दूसरे वर्ष दीक्षान्त समारोह का आयोजन किया गया और इस दीक्षान्त समारोह में 2495 विद्यार्थियों को विभिन्न संकायों में डिग्रियां प्रदान की गई हैं। इस विश्वविद्यालय को अक्टूबर 2017 में नैक द्वारा ए प्लस का दर्जा दिया गया है और देश में टॉप टेन की सूची में आठवां स्थान हासिल किया है।