रेलवे को वस्तु और सेवा देने वाले विक्रेता बढ़े

नई दिल्ली। रेलवे में कारोबारी सुगमता के चलते अब रेल मंत्रालय के शोध विभाग अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन की मदों के लिए नए विक्रेताओं के पंजीकरण का आकड़ा एक माह में औसतन 25 से बढ़कर 60 तक पहुंच गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, आरडीएसओ में 1 नवम्बर 2017 से 16 मार्च 2018 तक कुल 1231 विक्रेताओं ने पंजीकरण कराया। इसमें से 208 से भुगतान प्राप्त कर लिया गया और 27 को सूची से हटा दिया गया। उल्लेखनीय है कि आरडीएसओ के अधीन 600 वस्‍तुएं व सेवाएं आती हैं। उसकी वेबसाइट पर उन तमाम वस्‍तुओं की सूची दी गई है। प्रत्‍येक वस्‍तु के लिए विक्रेता पंजीयन की समय सीमा भी उपलब्‍ध कराई गई है। आरडीएसओ तय समय सीमा में पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।

बता दें कि आरडीएसओ रेलवे में व्यापार को सुगम बनाने के लिए विभिन्न शहरों में विक्रेताओं के सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसमें आरडीएसओ के वरिष्ठ अधिकारी भावी विक्रेताओं से चर्चा करते हैं और उन्हें ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली सहित अन्य जानकारियों से अवगत करा रहे हैं। आरडीएसओ ने इस प्रकार का पहला विक्रेता सम्मेलन राजकोट में लघु उद्योग भारती के साथ संयुक्त रूप से 24 जनवरी को आयोजित किया था।

वहीं इसमें लगभग 200 विक्रेताओं ने हिस्सा लिया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर ही विक्रेताओं के सवालों के जवाब दिए। इसके बाद फरीदाबाद में 75, लुधियाना में 90, साहिबाबाद में 60, कोयम्बटूर में 30, पुणे में 110 और नोएडा में 90 विक्रेताओं ने सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके अलावा अप्रैल और मई में कानपुर, जमशेदपुर, रायपुर, पटना, जयपुर, कोलकाता, मुंबई में विक्रेता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।