कोरोना संक्रमण के मामले में महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ देगा यूपी? ध्‍यान से पढ़िए खबर

लखनऊ। कोरोना के मरीजों को अभी भी सीएमओ के पत्र का लिए भटकना पड़ रहा है। यह पत्र अभी भी मरीजों के गले की फांस बना हुआ है। तीन दिन बीतने के बाद भी सीएमओ का पत्र मरीजों को नहीं मिल रहा है। इलाज के अभाव में मरीज घर में तड़प रहे हैं। अपनों की जान बचाने के लिए परिवारीजन एक से दूसरे अस्पताल भटक रहे हैं। सभी अस्पताल सीएमओ का पत्र मांग रहे हैं। इन मरीजों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है।

घरों में तड़पते मरीजों की नहीं हो रही सुनवाई,एक से दूसरे अस्पतालों में भटक रहे मरीज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी लखनऊ में सीएमओ के पत्र की अनिवार्यता खत्म नहीं हुई है। मरीज सीएमओ के पत्र के लिए भटक रहे हैं। उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। सीएमओ कार्यालय में तीमारदार धक्का खा रहे हैं। लालबाग स्थित कोविड कमांड सेंटर से भी मरीजों को निराशा मिल रही है।

बुजुर्ग आरती कोरोना की चपेट में आ गई हैं। परिवारीजन उन्हें भर्ती कराने के लिए तीन दिन से परेशान हैं। कहीं भर्ती नहीं हो पा रही है। किसी तरह ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया। लगातार कोविड कमांड सेंटर पर पंजीकरण के बाद फोन कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। सीएमओ कार्यालय में तो बेबस व परेशान हाल लोगों को दाखिल तक नहीं होने दिया जा रहा है। इससे लोग बेहाल हैं। इसी तरह विकासनगर निवासी साहिल को भी दो दिन बाद भी बेड नसीब नहीं हुए। मरीज घर पर तड़प रहा है। परिवार रात-रात भर लाइन में लगकर ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहे हैं।

राजधानी में ऑक्सीजन को लेकर संकट बरकरार तड़प रहे मरीज, नहीं मिल रही ऑक्सीजन

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