Gorakhpur : सीएम योगी ने तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी का किया शुभारंभ, नाथ सम्प्रदाय के बारे में जानकारी की साझा

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने नाथ पंथ के वैश्विक प्रदेय विषय पर आयोजित की गई तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गोष्ठी का शुभारंभ किया।

इस मौके पर सीएम योगी ने नाथ पंथ की महिमा का बखान करते हुए कहा कि नाथ पंतथ की परंपरा भगवान शिवजी से प्रारंभ होती है। इसके बाद नवनाथ 84 सिद्धों को लेकर ये परंपरा आगे बढ़ती है। उन्होंने कहा कि आप तिब्बत से लेकर श्रीलंका और दक्षिण पूर्व एशिया से जुड़े देशों में नाथ संप्रदाय के मठ और मंदिरों को देख सकते हैं।

विभिन्न देशों में हैं नाथ सम्प्रदाय के मठ-मंदिर

इसके साथ ही बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी नाथ संप्रदाय से जुड़े गुपा और खोह मिल जाएंगे। सीएम ने कहा कि पूरी दुनिया में नाथ पंथ का विस्तार है। उन्होंने कहा कि नाथ पंथ ने हमेशा से ही समाज के भले के लिए काम किया है। हमने हमेशा समाज में व्याप्त विकृतियों के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि जब वो नाथ पंथ की बात करते हैं तो वो एक सिद्ध सम्प्रदाय की बात करते हैं।

अपनी संस्कृति, परंपरा को हमेशा रखें याद

सीएम ने कहा कि कोई भी व्यक्ति और समाज या संस्था कभी अपनी संस्कृति और परंपरा को भूलकर कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी परंपरा, संस्कृति और इतिहास को भुलाकर इंसान त्रिशंकु बन जाता है। और सभी जानते है कि त्रिशंकु का कोई लक्ष्य नहीं होता है।

सपेरा समुदाय की महिला से जुड़ा किस्सा बताया

सीएम योगी ने नाथ पंथ से जुड़ी घटनाओं को याद करते हुए कहा कि पिछले हफ्ते वो लखनऊ में थे। उन्होंने कहा कि पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित एक महिला ने उनसे मिलने का समय मांगा। वो महिला सपेरा समुदाय से थीं। सीएम ने कहा कि उस महिला ने कहा कि वो सपेरा समुदाय से हैं लेकिन नाथ संप्रदाय से जुड़ी हुई हैं। उस महिला ने अपनी कला से भारत का नाम रौशन किया है, और अपनी कला का 165 देशों में प्रदर्शन किया है।

‘नाथ सम्प्रदाय सामाजिक कुरीतियों पर करता है वार’

सीएम ने कहा कि उस महिला ने बताया कि उसके समाज में एक परंपरा है कि उसके यहां बेटी के पैदा होते ही उसे दफना दिया जाता है। उस महिला ने बताया कि उसे भी दफना दिया गया था लेकिन उसकी मौसी को पता चल गया तो उन्होंने उसे बाहर निकाला और साथ ले गईं। उसके बाद उस महिला ने जब अपने बारे में पता किया तो पता चला कि उनका जन्म नाथ संप्रदाय में हुआ है।

सीएम ने कहा कि उसने उनको बताया कि जब उस महिला को भारत सरकार ने सम्मान दिया तो सपेरे समाज की सोच बदल गई और उसने बेटियों को दफनाना बंद कर दिया और उन्हें सम्मान देना शुरू कर दिया। इस मौके पर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने अपने संस्मरण भी याद किए। मुख्यमंत्री योगी ने नाथ सम्प्रदाय से जुड़े विभिन्न चमत्कारिक संस्मरणों को याद किया।

 

 

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