सीएम रावत ने सचिवालय में आयोजित बैठक में दायित्वों के विभाजन से सम्बन्धित प्रकरणों की समीक्षा की गई

देहरादून। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बीते बुधवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में उत्तराखण्ड एवं उत्तरप्रदेश के मध्य आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन से सम्बन्धित प्रकरणों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन से सम्बन्धित जिन विभागों के जो भी प्रकरण लम्बित हैं, ऐसे सभी तथ्यों एवं प्रकरणों का डॉक्यूमेंटेशन किया जाय, ताकि उत्तर प्रदेश के साथ आगामी बैठक में सभी मामलों पर गहन विचार-विमर्श कर समाधान निकाला जा सके।

 

 

बता दें कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने लम्बित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिये कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी दोनों राज्यों के मध्य परिसम्पतियों के हस्तांरण के सम्बन्ध में निर्णय लिये जाने की दिशा में सहमति व्यक्त कर चुके है। अतः इस सम्बन्ध में सभी प्रकरणों की व्यापक रूप से समीक्षा कर ली जाय, ताकि इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के साथ आगामी जुलाई माह मे होने वाली सम्भावित बैठक में राज्य से जुड़ी आस्तियों एवं दायित्वों के विभाजन के प्रकरणों पर अन्तिम निर्णय लेकर उनका स्थायी समाधान किया जा सके। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द ने यह भी निर्देश दिये है कि परिसम्पतियों के वितरण से सम्बन्धित जो प्रकरण न्यायालय में लम्बित है उन पर भी दोनों राज्य की आपसी सहमति के प्रयास किये जाय ताकि उनका भी समाधान शीघ्रता से हो सके।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि वर्ष 2011 के पश्चात उ0प्र0 से पेंशन की मद में प्राप्त होने वाली धनराशि का मसला उ0प्र0 के व उत्तराखण्ड के महालेखाकारों के स्तर पर निस्तारित होना है। इस सम्बन्ध में भी माह जुलाई में एक बैठक पृथक से दोनो राज्यों के महालेखाकारों एवं मुख्यमंत्री के स्तर पर आयोजित करा ली जाय। उन्होंने मनेरी भाली जल विद्युत परियोजना के लिये एलआईसी से प्राप्त ऋण के समाधान तथा टीएचडीसी से 25 प्रतिशत शेयर उत्तराखण्ड को दिये जाने व विभिन्न विभागों से सम्बन्धित ब्याज की धनराशि के समाधान के लिये प्रकरण भारत सरकार को पुनः सन्दर्भित किये जाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही बैराजों के विद्युत बिलों के भुगतान तथा कर्मचारियों के पीएफ से सम्बन्धित धनराशि का भी आकलन कर विवरण तैयार करने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये, ताकि इस मसलों का हल भी उत्तर प्रदेश के साथ आगामी बैठक में निकाला जा सके।

दोनों राज्यों के मध्य ऊर्जा, सिंचाई, परिवहन, पर्यटन, खाद्य एवं आपूर्ति, वन निगम, वित्त, औद्योगिक विभाग, आवास विकास विभाग से सम्बन्धित विभिन्न मसलों पर आस्तियों एवं दायित्वों का विभाजन होना है। जिनका विभागवार विवरण तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ.रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, आनन्द वर्द्धन, सचिव वित्त अमित सिंह नेगी, सचिव परिवहन डी. सेंथिल पाण्डियन एवं सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।