आरक्षण और आवंटन की अंतिम सूची 26 मार्च तक, जल्द होंगे पंचायत चुनाव

मुजफ्फरनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में भारतीय राजनीति को एक नई दिशा देने का काम किया। उस समय प्रधानमंत्री की छवि गुजरात के मुख्यमंत्री से ज्यादा चायवाला के रूप में प्रस्तुत की गई, जिसे आज तक लोग भूल नहीं पाए हैं। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।

मोदी से प्रभावित होकर भरा पर्चा

मुजफ्फरनगर में एक बड़ा दिलचस्प मामला सामने आया, जहां एक चायवाली ने प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित होकर पंचायत चुनाव में पर्चा दाखिल कर दिया। वह प्रधान पद के लिए अपने गांव से चुनाव लड़ रही हैं। यह मामला भोपा थाना क्षेत्र का है, जहां के चोरवाल गांव में मीनाक्षी देवी नामक महिला ने प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की है।

पंचायत चुनाव में एक चायवाली ने भरा पर्चा

मीनाक्षी देवी का कहना है कि जब चायवाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो प्रधान एक चायवाली भी बन सकती है। इसी बात को गांठ बांधकर उन्होंने शनिवार को नामांकन दाखिल किया। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार पंचायत चुनाव में वह जीत दर्ज करके, ग्राम प्रधान के पद पर अपनी दावेदारी साबित करेंगी।

चायवाला ने बदल दी राजनीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोकसभा चुनाव के दौरान चायवाला के रूप में अपनी छवि प्रस्तुत की थी। जिसे देशवासियों ने खूब पसंद किया। उनके जीवन संघर्ष को आज भी लोग याद करते हैं और उससे प्रभावित होते हैं। इसी का उदाहरण मुजफ्फरनगर में भी देखने को मिला, जहां चुनाव की सबसे छोटी कड़ी पंचायत चुनाव में प्रधान पद के लिए महिला ने पर्चा दाखिल किया।

उत्तर प्रदेश में इस बार 4 चरण में पंचायत चुनाव संपन्न किए जाएंगे, जिसमें पहले चरण की वोटिंग 15 अप्रैल से होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों इस चुनाव को लेकर काफी धूमधाम दिखाई दे रही है। हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश पर चुनावी प्रचार काफी सादगी से किया जा रहा है। बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

Kumbh 2021: आज से शुरू हुआ दूसरा शाही स्नान, 13 अखाड़ों के संत लगा रहे डुबकी

Previous article

लखनऊ में अब नहीं लगेगी शवों की भारी भीड़, नगर निगम ने शुरू की तैयारी

Next article

You may also like

Comments

Comments are closed.

More in featured