पंजाब में कैबिनेट विस्तार से नाराज विधायक, मनाने में लगी कांग्रेस

पंजाब में कैबिनेट विस्तार से नाराज विधायक, मनाने में लगी कांग्रेस

चंडीगढ़। पंजाब की अमरिंदर सिंह सरकार में एक साल के बाद हुए कैबिनेट विस्तार के कारण विधायकों ने सरकार से नाराजगी जताई है, जिसे दूर करने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। विधायकों को मनाने की कमान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इसकी कमान अपने हाथ में ले ली है। इसको लेकर पंजाब भवन में लगभग पांच घंटे तक उन्होंने अलग-अलग बैठकों में हालात की समीक्षा की और समस्या का हल निकालने में जुटे रहे।

बता दें कि ओबीसी से आने वाले विधायक कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज हैं तो वहीं वाल्मीकि और मजहबी सिख बिरादरी के नेता भी खुलकर अपनी नाराजगी दिखा रहे हैं। इसको लेकर पंजाब भवन में काफी गहमागहमी नजर आए। पार्टी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़, प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी व सह प्रभारी हरीश चौधरी समस्या का हल ढूंढने में लगे हुए हैं। कैबिनेट में स्थान न मिलने पर अपनी नाराजगी दर्ज करवाने के लिए राजकुमार वेरका, पवन आदिया और कुलदीप वैद्य पंजाब भवन में सुनील जाखड़ व आशा कुमारी से मिले।

विधान सभा के डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भट्टी भी मिले। वेरका ने वाल्मीकि बिरादरी को कैबिनेट में स्थान न देने की बात वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखी। राजकुमार वेरका ने कहा कि उन्होंने अपनी बात पार्टी प्लेटफार्म पर रख दी है। पार्टी ने माना है कि एक बड़ी चूक हुई है। सुधार जल्द ही कर लिया जाएगा। पार्टी नेताओं ने भरोसा दिलवाया है कि जल्द ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलकर इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा।

गौरतलब है कि कैबिनेट में जगह न मिलने से नाराज होकर तीन विधायकों ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है तथा कई और विधायक अंदरखाते नाराज हैं। विधानसभा में 10 दलित और 10  वाल्मीकि बिरादरी के विधायक हैं। दलित बिरादरी से अरुणा चौधरी व चरणजीत सिंह चन्नी को मंत्री बनाया गया है, जबकि साधू सिंह धर्मसोत बाजीगर बिरादरी से आते हैं। वाल्मीकि बिरादरी के विधायकों की मांग है कि चूंकि दोनों ही बिरादरी को बराबर का रिजर्वेशन है, अत: कैबिनेट में स्थान मिलना चाहिए।

इस बिरादरी से अजायब सिंह भïट्टी विधानसभा में डिप्टी स्पीकर हैं। प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व में अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार में भी मंत्री गुलजार सिंह रणीके और स्पीकर डा. चरणजीत सिंह अटवाल मजहबी सिख बिरादरी से थे। वाल्मीकि व मजहबी सिख को कैबिनेट में स्थान न मिलने से नाराज डिप्टी स्पीकर अजायब सिंह भïट्टी दिल्ली रवाना हो गए हैं। माना जा रहा है कि वह वहां पर पार्टी हाईकमान से मिलकर कैबिनेट में अपनी बिरादरी का मंत्री बनाने की मांग रखेंगे।

पंजाब भवन में सुनील जाखड़ और आशा कुमारी से मिलने के लिए रविवार को कई मंत्री भी पहुंचे। स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, ओपी सोनी व सुखबिंदर सिंह सरकारिया दोनों से मिले। मंत्रियों का कहना था कि वे औपचारिक रूप से ही मिलने आए थे। सुनील जाखड़ का कहना है कि कैबिनेट में स्थान नहीं बना पाए विधायकों में थोड़ी नाराजगी है जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि यह मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कोई पोलराइजेशन है।