मां पीतम्बरा के चमत्कार से चीन ने वापस बुला ली थी अपनी सेना

नई दिल्ली। भारत में कोई घरेलू कलह हो या फिर किसी बाधा को खत्म करना हो ज्यादातर लोगों को तंत्र-मंत्र और सिद्धियों की याद आती है। माना जाता है कि नवरात्रों में मां के शक्ति रूप की उपासना करने से अनेक प्रकार की सिद्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। ऐसा ही एक स्वरूप है मां के बगलामुखी रूप का जिनके आगे क्या आम और क्या खास सभी सिर झुकाते हैं।

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हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित मां पीताम्बरा देवी की जिनके आगे नेता और अभिनेता भी सिर झुकाते हैं। देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इमदिरा गांधी, अटल जी या फिर संजय दत्त जैसे अभिनेता हों ये सभी मां की शरण में आए हैं। कहा जाता है कि इस स्थान पर आने वाले की मुराद जरूर पूरी होती है, उन्हें राजसत्ता का सुख जरूर मिलता है।

इस सिद्धपीठ की स्थापना 1935 में स्वामीजी के द्वारा की गई। स्वामीजी के जप और तप के कारण ही इस स्थान को सिद्ध पीठ माना जाता है। एक सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। भक्तों को मां के दर्शन एक छोटी सी खिड़की से ही होते हैं। यहां ऐसी आस्था है कि मां पीतांबरा देवी एक दिन में 3 बार अपना रूप परिवर्तित करती हैं।

भारत-चीन युद्ध के समय हुआ था यज्ञ:-

बताया जाता है कि 1962 में जब भारत और चीन के बीच युद्ध चल रहा था तब तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पीताम्बरा पीठ के स्वामी जी से मिलने की इच्छा जताई थी। उसके बाद ही स्वामी जी ने वहां यज्ञ अनुष्ठान प्रारंभ कराया था। ये यज्ञ 11 दिन तक चला और दूसरी ओर भारत-चीन के बीच युद्ध बी चलता रहा था। लेकिन 11वें दिन पूर्ण आहुति के साथ ही चीन ने अपनी सेनाएं वापस बुला ली थीं।