September 20, 2021 8:04 am
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यूपी पीसीएस-2019: डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित युवाओं ने कही बड़ी बात

यूपी पीसीएस-2019: डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित युवाओं ने कही बड़ी बात

लखनऊ: सूबे के मुखिया योगी आदित्‍यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में पीसीएस-2019 में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। इस दौरान उन्‍होंने उपजिलाधिकारी पद पर चयनित 51 युवाओं को देश के सबसे बड़े राज्य की सबसे बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए बधाई भी दी। साथ ही, जनता के प्रति जवाबदेह बने रहने का मंत्र दिया है।

युवाओं ने साझा किए विचार  

यूपी पीसीएस-2019 में डिप्टी कलेक्टर पद पर 31 इंजीनियर, दो डॉक्टर और एक आर्किटेक्ट सहित 51 युवाओं का चयन हुआ है। नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में इन युवाओं ने अपने विचार भी साझा किए।

युगांतर त्रिपाठी- मैं इससे पहले राजस्थान इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड में पदस्थ था। सिविल सेवा की तैयारी की और सफलता मिली। यूपी पीएससी की शुचिता और पारदर्शिता पूर्ण चयन प्रक्रिया के लिए हृदय से धन्यवाद। मेरी कोशिश रहेगी कि शासन की नीतियों का अनुपालन करते हुए जनआकांक्षाओं पर खरा उतर सकूं। लोगों के लिए सुलभ रहूं। धन्यवाद मुख्यमंत्री जी।

डॉ. पूनम गौतम- यूपी अवसरों का प्रदेश है। प्रशासनिक सेवा का अंग बनकर हार्दिक खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री जी ने जिस तरह कोविड के दौरान प्रदेश की सुरक्षा की, उसके लिए मुख्यमंत्री जी को बहुत धन्यवाद। यूपी का कोविड मॉडल बहुत शानदार है। मैं अपने कार्यकाल में जनसेवा के लिए तत्पर रहूंगी। जाति, धर्म से परे मेरिट आधारित चयन हुआ है। मैं चिकित्सक रही हूं। इस अनुभव के लाभ भी लोगों को देने की कोशिश रहेगी।

अखिलेश यादव- प्रशासनिक सेवा का हिस्सा बनकर मेरी कोशिश समाज के वंचित और पिछड़े तबके को मुख्यधारा में लाने की होगी। मुझे जो मौका मिला है, मैं उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ देने का पूरा प्रयास करूंगा।

अमन- मैं मूलतः बिजनौर का रहने वाला हूं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। मुझे खुशी है कि मेरा चयन एक ईमानदार प्रक्रिया के तहत हुआ। सेवा के दौरान इस पारदर्शिता भाव को बनाये रखने के लिए संकल्पित हूं।

प्रीति सिंह- उत्तर प्रदेश उत्तम प्रदेश है। हम इसे अति उत्तम प्रदेश बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी ने कोरोना के दौरान “आपदा को अवसर” में बदलने का एक मंत्र दिया था। मैंने इस मंत्र को जीवन में आत्मसात कर लिया है। वंचित, शोषित वर्गों के उन्नयन के लिए मुझसे जो कुछ हो सकेगा, करने को तत्पर रहूंगी।

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