पर्यटन विभाग अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के साथ बीटल्स महोत्सव का आयोजन ऋषिकेश में

ऋषिकेश। भावातीत ध्यानम योग के प्रणेता महर्षि महेश योगी के शिष्य बीटल्स के भारत आगमन के बीते शुक्रवार को 50 वर्ष पूरे हो गए हैं। इस मौके को यादगार बनाने के लिए पर्यटन विभाग अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के साथ बीटल्स महोत्सव का भी आयोजन ऋषिकेश में करने जा रहा है। चार से छह मार्च तक चलने वाले महोत्सव में बीटल्स के परिजन भी शामिल होंगे। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने विश्वास जताया कि इस तरह के कार्यक्रम से यहां पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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बता दें कि मुनिकीरेती स्थित गंगा रिसोर्ट में पत्रकारों से बातचीत में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि एक से आठ मार्च तक मुनिकीरेती ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव आयोजित होगा। इस वर्ष बीटल्स के भारत आगमन के 50 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। पचास वर्ष पूर्व 16 फरवरी को बीटल्स ग्रुप यहां आया था। इस बात को ध्यान में रखते हुए योग महोत्सव के साथ चार से छह मार्च तक बीटल्स महोत्सव का आयोजन किया गया है। सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड पर्यटन विभाग ने व‌र्ल्ड टूरिज्म मार्केट में बीटल्स को लेकर बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। विश्व प्रसिद्ध बीटल्स ने देहरादून पर भी गीत बनाया था। चौरासी कुटी में उनकी यादें बसी है। महोत्सव में बीटल्स के परिजनों को भी यहां आमंत्रित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में पंजीकृत साधक चौरासी कुटी में आयोजित कार्यक्रम में निश्शुल्क प्रवेश पाएंगे। पर्यटन विकास को देखते हुए वन मंत्री और विभाग द्वारा कार्यक्रम के लिए पूरा सहयोग किया जा रहा है। बताया कि चौरासी कुटी में विदेशियों के लिए 300 और भारतीयों के लिए सौ रुपया प्रवेश शुल्क रखा गया है।

उन्होंने बताया कि मॉक बीटल्स सहित गढ़ संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम भी बीटल्स महोत्सव का हिस्सा बनेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के 13 जनपदों में 13 डेस्टिनेशन बनाए जा रहे हैं। इससे तीर्थाटन और पर्यटन दोनों का विकास होगा। पर्यटन मंत्री ने बताया कि गार्जियन पत्रिका ने विश्व के 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन में ऋषिकेश को भी चुना है। यह हमारे लिए गौरव की बात है। कहा कि बीटल्स महोत्सव में स्थानीय कलाकारों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश में प्रतियोगिता आयोजित होंगी, जिसके लिए सरकार पुरस्कार राशि भी देगी। इस मौके पर मंडलायुक्त दिलीप जावलकर, संयुक्त निदेशक पर्यटन बीएस चौहान, महाप्रबंधक पर्यटन गढ़वाल मंडल विकास निगम बीएल राणा, पालिकाध्यक्ष मुनिकीरेती शिवमूर्ति कंडवाल, होटल उद्यमी बचन पोखरियाल, उप जिलाधिकारी नरेंद्रनगर लक्ष्मीराज चौहान, ऋषिकेश हरिगिरी, महाप्रबंधक गंगा रिसोर्ट धनपाल ¨सह नेगी, रा¨फ्टग एसोसिएशन के राजीव तिवारी, चंद्रवीर पोखरियाल आदि भी मौजूद रहे।

वहीं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम की पैदल यात्रा 5120 वर्ष पुरानी है। पहले पैदल यात्रा होती थी। सुविधाओं के विकास के साथ पैदल यात्रा बंद होने से यहां की चट्टियों और पड़ावों में स्वरोजगार के साधन समाप्त हो गए। सरकार पैदल यात्रा को फिर शुरू करेगी। जिससे यहां ट्रै¨कग के साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नीलकंठ और कुंजापुरी में रोपवे सेवाएं शुरू करने की योजना सरकार ने बनाई है। सवाल के जवाब में सतपाल महाराज ने कहा कि पांचवें धाम हेमकुंड साहिब की यात्रा को रोपवे से जोड़ने के लिए योजना बन गई है। रोपवे को घांगरिया के बजाय गो¨वदघाट से शुरू किया जाएगा। इस दिशा में शीघ्र काम शुरू होने जा रहा है।

साथ ही पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में तीर्थों और पर्यटक स्थलों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार विशेष ध्यान दे रही है। कर्णप्रयाग रेलवे लाइन और ऑल वेदर का काम शुरू कर केंद्र सरकार ने अपने संकल्प का परिचय दिया है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर अभी 22 हवाई सेवाएं आ रही है। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के लिए यह जगह नाकाफी है। उत्तराखंड को सर्विस प्रोवाइडर बनाने के लिए बड़े एयरपोर्ट की यहां जरूरत है। विश्व के अन्य देशों से सीधी हवाई सेवाएं यहां शुरू होंगी तो निश्चित रूप से उत्तराखंड का और अधिक विकास होगा। उन्होंने रा¨फ्टग में बढ़ रहे हादसों पर ¨चता जताते हुए मंडलायुक्त से कारगर कदम उठाने को भी कहा।