दुनिया में जलानी हैं योग की मशालः राज्यपाल

ऋषिकेश। प्रदेश के राज्यपाल कृष्णकांत पाल ने अन्तर्राष्ट्रीय योग महोत्सव में आए सभी प्रतिभागियों एवं योगाचार्यो का स्वागत करते हुए कहा कि योग को पूरे विश्व में ले जाने का संकल्प ले। राज्यपाल कृष्णकांत पाल ने बतौर मुख्य अतिथि योग महोत्सव के शुंभारंभ करने के बाद कहा कि ऋषिकेश में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस महोत्सव की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है जो ‘योग और आध्यात्मिक पर्यटन’ के लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की पहचान को बढ़ाएगा।

राज्यपाल ने इस महोत्सव के लिए पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज के अथक प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने देश-विदेश से आये प्रतिभागियों का आह्वाहन करते हुए कहा कि आज मां गंगा के पवित्र तट पर, हिमालय की गोद में बैठकर संकल्प ले कि शांति, स्वास्थ्य और एकता के संवाहक के रूप में पूरी दुनिया को योग के लाभ से परिचित करायेंगे क्योंकि सभी को प्रत्येक क्षण इसकी सख्त जरूरत है और योग जीवन का उच्चतम संयोग बनें।

महर्षि पंतजलि के आठों आयामों के विषय में जानकारी देते हुये राज्यपाल ने कहा कि जीवन के हर पहलू से योग की क्रियायें जुड़ी है। प्रत्येक वर्ष योग बसन्त के आगमन का स्वागत करता है। इस समय बहारें बलवती होती है, फिजा में खुशबू होती है। इस खुशनुमा मौसम में योग के प्रशिक्षु आते है। इससे साफ है कि योग प्रकृति के बहुत करीब है।

राज्यपाल ने कहा कि योग, ध्यान से सम्बद्ध है, अथर्ववेद और ऋग्वेद से इसकी जड़ें जुड़ी हैं। आधुनिक युग में भी यह उतना ही प्रासंगिक है। यह ‘योग उत्सव’ एक अद्भुत तरीके से विभिन्न सभ्यताओं और विभिन्न धर्मों के लोगों को आपस में जोड़ रहा है और शारीरिक, आध्यात्मिक तथा मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रोत्साहित कर रहा है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन शैली में शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। योग से तनाव व अवसाद जैसी अनेक मानसिक समस्याओं से भी निजात मिलती है। राज्यपाल ने कहा कि योग विशेषज्ञों का यह वार्षिकोत्सव उत्तराखण्ड के सांस्कृतिक गतिविधियों का सबके आकर्षक और सार्थक आयोजन है, जिसमें विश्व के प्रत्येक कोने से आने वाले योगी, विद्यार्थी, आध्यात्मिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति, शांति की खोज में निकले जिज्ञासु लोग गंगा के पवित्र तट पर प्राचीन रहस्यों को आत्मसात करने के लिए एकत्र हुए हैं।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज, पूज्य ड्रिकुगं काबगोन चेतसंगजी, पूज्य प्रेम बाबा जी, पूज्य शंकराचार्य दिव्यानन्द तीर्थ, तेलगू और हिन्दी फिल्मों के अभिनेता रामचरण चिरंजीवी अपने पूरे परिवार के साथ, उत्तराखण्ड सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय के सचिव शैलेश बगोली एवं गढ़वाल मण्डल विकास निगम के प्रबन्ध निदेशक अतुल कुमार गुप्ता मौजूद रहे।