जीतनराम मांझी के गरीब महासम्‍मेलन में शिरकत करेगी रावड़ी देवी

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति काफी गरमाने लगी हैं जहां एक और विपक्ष ने हाल ही में हुए भारत बंद को लेकर दलित प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था तो वहीं विपक्ष यानि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा रविवार को गांधी मैदान में ‘गरीब महासम्मेलन’ कर रहा है बता दे कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा पहली बार इतना बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव भी शिरकत करने वाले हैं। बात दे कि प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, सदानंद सिंह को भी इस महासम्मेलन में भाग लेना था लेकिन किसी वजह से वे इनमें शामिल नहीं हो पाई हैँ।

गरीब महासम्‍मेलन

हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा का गरीब महासम्‍मेलन पटना के गांधी मैदान में थोड़ी देर में शुरू हागा। इसकी तैयारियां हो चुकी हैं। गांधी मैदान में महासम्‍मेलन के लिए विपक्षी महागठबंधन के समर्थकों का आना लगातार जारी है।
‘हम’ की महिला शाखा ने शनिवार को बिहार सकार के खिलाफ थाली पीटकर आम लोगों से महासममेलन में शामिल होने की अपील की।
सभी जातियों के गरीबों का सम्‍मेलन

हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि यह महासम्मेलन सिर्फ दलितों की नहीं है, बल्कि सभी जाति एवं धर्म के गरीबों का है। अपने मुख्यमंत्री काल में लिए गए 34 निर्णयों को लागू कराना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है।

राबड़ी-तेजस्‍वी भी करेंगे शिरकत

मांझी ने बताया कि महासम्मेलन में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव भी शिरकत करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी, सदानंद सिंह को भी भाग लेना था, लेकिन पार्टी के बिहार के प्रभारी के पटना में होने की वजह से वे लोग सम्मेलन में शामिल नहीं हो सकेंगे।

मांझी ने कहा कि राजग में साढ़े तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कॉमन मिनिमम प्रोग्राम एवं कॉओर्डिनेशन कमेटी नहीं बन सकी, जबकि महागठबंधन में इस माह तक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम और कॉओर्डिशन कमेटी बन जाएगी। इस मसले पर राजद, कांग्रेस और हम में सहमति बन चुकी है।

भारत बंद के लिए भाजपा जिम्मेदार

मांझी ने भारत बंद के दौरान तोडफ़ोड़ के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि अगर केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर देती तो एससी और एसटी सड़क पर नहीं उतरते। केन्द्र सरकार से आरक्षण के कोटे को बढ़ाने और राज्यसभा एवं विधान परिषद में भी आरक्षण लागू करने की मांग की।

दलितों-गरीबों को परेशान कर रहे नीतीश

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी शराबबंदी का समर्थन करती है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी के नाम पर सिर्फ दलितों एवं गरीबों को परेशान कर रहे हैं।