महाश्वेता देवी के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

महाश्वेता देवी के जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। आज साहित्यकार महाश्वेता देवी का 92वां जन्मदिन है।उनके जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बना कर उन्हें सम्मान दिया है।महाश्वेता देवी का जन्म 1926 में ढाका में हुआ था। उनके पिता मनीष घटक बेहद लोकप्रिय कवि और उपन्यासकार थे।

वह भारत की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका थीं। 1964 में उन्होंने बिजॉयगढ़ कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया। उस वक्त तक उनकी ख्याति बंगाल के आदिवासी समाज और खासकर दलित स्त्रियों के लिए काम करने वाली महिला के तौर पर हो चुकी थी।

 

उन्होंने झांसी की रानी पर उपन्यास लिखना शुरू किया, जो 1956 में ‘झांसीर रानी’ नाम से छपा। इस किताब ने उन्हें बड़ी ख्याति दिलाई। इसके बाद उनके ‘नटी’ और ‘जली थी अग्निशिखा’ नामक दो उपन्यास छपे।

वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थीं।बांग्ला भाषा में संवेदनशील और वैचारिक लेखन ने भारतीय साहित्य को और शक्तिशाली बना दिया।महाश्वेता देवी की शादी नाटककार बिजोन भट्टाचार्ट से हुई थी।1962 तकल दोनों अलग हो गए थे।

राजनीति से दूर रहने वाले कलाकारों की परंपरा को तोड़ते हुए महाश्वेता ने इस मंच का सहारा लिया। वह विपक्ष के मंच पर जा चढ़ीं। सत्ता की आंख में आंख डालकर उन्होंने इस बात का अहसास दिलाने की कोशिश की कि लोकतंत्र में लोक ही सर्वोपरि होता है।

महाश्वेता देवी को उनकी कृतियों के लिए रमन मैग्सेसे अवॉर्ड और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण सहित तमाम पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों के लिए भी काम किया।उन्होंने 28 जुलाई 2016 को दुनिया को अलविदा कह दिया।