CC GST के नए नियमों के अनुसार डेली यूज की चीज़े हुई सस्ती

नई दिल्ली। जीएसटी परिषद की श्रीनगर में हुई बैठक में दूध और अनाज को इसके दायरे में नहीं लाने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही तेल और साबुन की कर दरों में कटौती को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में नए नियमों को मंजूरी दी।

CC GST के नए नियमों के अनुसार डेली यूज की चीज़े हुई सस्ती

सस्ते हुए तेल-साबुन

जीएसटी के तहत बालों के तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। जबकि अभी इस पर कर की दर 22 से 24 फीसदी है। अनाज पर भी जीएसटी नहीं लगेगा जिसपर अभी पांच फीसदी कर लगता है। इसके अलावा चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल पर भी पांच प्रतिशत की दर से कर लगेगा जो मौजूदा कर की दर के करीब है। जबकि मिठाई पर पांच फीसदी की दर से जीएसटी लगेगा। नई कर व्यवस्था के तहत कोयला भी सस्ता हो जाएगा। कोयले पर जीएसटी दर पांच फीसदी होगी। इस पर अभी 11.69 प्रतिशत कर लगता है।

बता दें कि चीजों और सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने अपनी दो दिन की बैठक के पहले दिन 80 से 90 प्रतिशत चीजों और सेवाओं पर कर की दरों का निधार्रण कर लिया है। प्रस्तावित जीएसटी व्यवस्था में चार स्तर की दरें रखी गई हैं, जिनमें रोजमर्रा के इस्तेमाल की जरूरी चीजों पर पांच प्रतिशत की न्यूनतम दर रखी गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली परिषद ने बैठक के पहले सत्र में चीजों और सेवा कर व्यवस्था के तहत नियमों को भी मंजूरी दी। जीएसटी 1 जुलाई से लागू किए जाने की योजना है। परिषद में सभी राज्यों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं। जेटली ने कहा कि आज की बैठक में 1,211 में से छह को छोड़कर बाकी सभी वस्तुओं के लिए जीएसटी दर तय कर ली गई।

वहीं 80 से 90 प्रतिशत वस्तुओं के बारे में यह तह हो गया है कि उन्हें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के कर ढांचे में कहां रखा जाएगा। फिटमेंट इस तरीके से किया गया है कि लोगों पर नई कर व्यवस्था के कारण कर का बोझ नहीं बढ़े। इसलिए वस्तुओं और सेवाओं को उनके ऊपर इस समय लागू उत्पाद शुल्क, वैट या सेवा कर को ध्यान में रखकर जीएसटी की विभिन्न दरों के साथ जोड़ा जा रहा है। विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने रेशमी धागे, पूजा की सामग्री और हस्तशिल्प उत्पादों को जीएसटी दरों में छूट की मांग की है।

सेवाओं पर फैसला आज

साथ ही जीएसटी परिसद की बैठक में सेवाओं पर कर की दर भी तय की जाएगी। साथ ही परिषद सोना, फुटवियर, ब्रांडेड आइटम व बीड़ी के लिए कर की दर तय करेगी। इसी तरह डिबा बंद खाद्य वस्तुओं के लिए जीएसटी अभी तय की जानी है।
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उत्तर प्रदेश : सूती, रेशम धागा और पूजा सामग्री पर छूट मिले
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जम्मू-कश्मीर : हैंडलूम और हस्तशिल्प को शू्न्य प्रतिशत के दायरे में लाया जाए

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