विधानसभा में शिक्षा मंत्री और नन्दकिशोर यादव के बीच नोकझोंक

पटना। बिहार विधान सभा में प्रश्नकाल के दौरान राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी और भाजपा के वरिष्ठ सदस्य तथा पूर्व मंत्री नन्द किशोर यादव के बीच तीखी नोकझोंक हुई। सदन में डॉक्टर रामानुज प्रसाद के एक तारान्कित सवाल के जवाब देने के दौरान नन्द किशोर यादव के एक पूरक प्रश्न पूछने पर अशोक चौधरी उन पर भड़क गए।

नंदकिशोर यादव ने कहा कि सम्बधित प्रश्न सदन में पहले भी आ चुका है जिस पर मंत्री ने आश्वासन भी दिया था। पर उन्होंने कहा कि समस्या के समाधान की जगह आदरणीय मंत्री अब राजनीति करने लगे हैं। नंदकिशोर यादव के इतना कहते ही मंत्री अशोक चौधरी उनपर भड़क गए जिसके बाद दोनों के बीच तीखी झड़प हुई। इस पर अशोक चौधरी ने तैश में आकर कहा कि नंदकिशोर यादव उन्हें हतोत्साहित कर रहे हैं, जो अनुचित है। इस पर नंदकिशोर यादव ने भी ऊंची आवाज़ में बोलना प्रारम्भ कर दिया और दोनों के बीच नोकझोंक हुई।

वहीं, उनका हस्तक्षेप करते हुए प्रतिपक्ष के नेता प्रेम कुमार ने कहा कि नंदकिशोर यादव वरीय नेता हैं और मंत्री भी रह चुके हैं । उनका अपमान एक मंत्री द्वारा इस प्रकार करना उचित नहीं है। अशोक चौधरी ने सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी से कहा कि अध्यक्ष को सरकार के पक्ष की भी रक्षा करना पड़ती है। वहीं, विपक्ष की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरक पूछे तो वे जवाब देंगे।

इससे पहले विपक्ष वाल के सवाल का जवाब देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि वर्ग एक से आठ तक की पुस्तकों की छपाई बिहार स्टेट टेक्स्ट बुक पब्लिशिंग कारपोरेशन के तहत की जाती है और बाद में इन पुस्तकों की आपूर्ति प्रखंड स्तर तक की जाती है। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत पुस्तकों की आपूर्ति कर दी गई है जिसके तहत पुस्तकों के कुल सेट की संख्या 179,24,115 है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के एचपीसीएल की ओर से समय पर कागज़ उपलब्ध नहीं कराने के कारण पुस्तकों की छपाई और वितरण में विलम्ब हुआ। उन्होंने कहा कि बहरहाल, राज्य में पाठ्य पुस्तकों की कमी या उनकी छपाई में किसी प्रकार के व्यवधान की कोई सूचना नहीं है। इसी सवाल के पूरक प्रश्न पर दिए गए जवाब के दौरान हुई झड़प के बाद मंत्री ने अपने जवाब को फिर से दोहरा दिया।