india and china flag भारत-चीन के बीच तीन दिवसीय भू-आर्थिक सम्मेलन, कई देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

नई दिल्ली: भारत- चीन के बिगड़े रिश्ते के बावजूद दोनों देश एक बार फिर तीन दिवसीय भू-आर्थिक सम्मेलन में मंच साझा करने जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय थिंक-टैंक पुणे इंटरनेशनल सेंटर के साथ अगले सप्ताह के अंत तक भू-आर्थिक मुद्दों पर केंद्रित तीन दिवसीय इस सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।

सम्मेलन में भारत-चीन के अलावा ऑस्ट्रेलिया, जापान, मॉरीशस, मालदीव और भूटान की सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। साथ ही सम्मेलन के वक्ताओं में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी भागीदारी निभाएंगे। बता दें कि कार्यक्रम के संयोजक सेवानिवृत्त राजनयिक गौतम बंबावाले हैं। बता दें कि सेवानिवृत्त राजनयिक गौतम बंबावाले 2018 तक चीन में भारत के राजदूत रहे हैं।

एशियाई विकास बैंक के उपाध्यक्ष होंगे शामिल

बता दें की सेवानिवृत्त राजनयिक गौतम बंबावाले ने बताया कि तीन दिवसीय भू-आर्थिक सम्मेलन में एशियाई विकास बैंक के एक उपाध्यक्ष भी हिस्सा लेने जा रहे हैं, जो की मूलत: एक चीनी नागरिक हैं। साथ ही बीजिंग स्थित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के भी एक अधिकारी इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन में देश की कई हस्तियां होंगी शामिल

गौरतलब है कि प्रमुख वक्ताओं में आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल, उद्योगपति कुमारमंगलम बिड़ला, राजीव बजाज और नौशाद फोर्ब्स, विदेश सचिव एच वी श्रृंगला, डब्ल्यूटीओ में भारतीय राजदूत ब्रजेंद्र नवनीत और वाणिज्य सचिव अनूप वधावन आदि शामिल होंगे।

भारत-चीन के बीच चल रहा था सीमा विवाद

बता दें कि भारत के पड़ोस में चीन के बढ़ते दखल और सीमाओं पर इसके द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिशों के कारण ही ‘पारस्परिक अविश्वास एवं तनातनी’ का वातावरण दोनों देशों के बीच बना रहा। हालांकि बीते कुछ दिनों से चीन अपनी हरकतों से बाज आ चुका है और चीन ने अपनी सेना भारत की सीमा से पीछे हटा लिया है।

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