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जीएसटी काउंसलिंग मीटिंग में कुछ दरों में हुआ बदलाव, पेट्रोल-डीजल अभी भी जीएसटी से बाहर

निर्मला सीतारमण 1 जीएसटी काउंसलिंग मीटिंग में कुछ दरों में हुआ बदलाव, पेट्रोल-डीजल अभी भी जीएसटी से बाहर

जीएसटी काउंसलिंग की शुक्रवार को लखनऊ में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों की दरों को जीएसटी से बाहर रखा गया। साथ ही दवाइयों पर शुल्क की रियायत को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाकर कोविड से जुड़ी दवाइयों पर राहत देने का फैसला किया गया है।

फूड डिलीवरी ऐप से खाना मंगवाना पड़ेगा महंगा

फूड डिलिवरी ऐप जैसे जोमैटो और स्विगी को रेस्तरां के रूप में मानने का निर्णय लिया गया है।
साथ ही जीएसटी परिषद ने पेट्रोलियम उत्पादों को अपने दायरे में लाने पर कोई फैसला नहीं लिया। दवाओं पर टेक्स की रियायती दर 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाकर कोरोना संबंधित वस्तुओं पर राहत मिलेगी। जबकि फूड डिलिवरी ऐप को रेस्तरां के रूप में मानने का निर्णय लिया है। फुटवियर और कपड़ा क्षेत्रों के शुल्क ढांचे को सही करने का निर्णय लिया गया। इस कारण आपूर्ति पर 5 % जीएसटी भुगतान करने के लिए जिम्मेदार हो चुका है। जबकि नए नियमों से भोजन पर महंगाई नहीं बढ़ेगी। क्योंकि इसमें कोई नया टेक्स शामिल नहीं किया गया है।

कैंसर के इलाज के लिए दवाओं पर शुल्क घटा

कोरोना महामारी के बाद पहली बार में लखनऊ में परिषद ने केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के अंतर्गत शामिल करने पर चर्चा की है। जबकि फैसला किया कि यह बदलाव करने का सही समय नहीं है। इसके बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सीतारमण ने कहा कि, “हमने कुछ लोगों के अनुकूल फैसले लिए हैं।” सीतारमण ने कहा कि, परिषद ने केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित मस्कुलर एट्रोफी के इलाज के लिए दवाओं पर कर छूट दी है और कैंसर के इलाज के लिए दवाओं पर शुल्क 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है।

कोरोना दवाओं नहीं बढ़ेगा टेक्स

कोरोना दवाओं के मामले में 31 दिसंबर तक 5 % की घटी हुई जीएसटी दर बनी रहेगी और इटोलिजुमाब, पॉसाकोनाजोल, इन्फ्लिक्सिमैब, फेविपिरवीर, कासिरिविमैब और इम्देवीमैब, 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज, बामलानिविमैब, और एतेसेविमाब शामिल हैं। इसके अलावा परिषद ने लौह, तांबा, एल्यूमीनियम, जस्ता इत्यादि धातुओं जैसे अयस्कों और कंसंट्रेटरों पर टेक्स को 5 से 18 % तक बढ़ाते हुए तेल कंपनियों को जैव ईंधन की आपूर्ति के लिए दर को 12 से घटाकर 5 % करने का भी निर्णय लिया गया। जबकि ईट के भट्टों को 1 अप्रैल 2022 से 20 लाख रुपये की सीमा के साथ योजना के अंतर्गत लाया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत आईटीसी के बिना ईंटों पर 6 % की दर से जीएसटी लागू होगा।

सीतारमण ने कहा कि, परिषद ने प्रमुख क्षेत्रों के लिए उल्टे शुल्क ढांचे में सुधार के मुद्दे की जांच करने और दरों को युक्तिसंगत बनाने और जीएसटी से राजस्व वृद्धि के ष्टिकोण से छूट की समीक्षा करने के लिए एक जीओएम स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा बेहतर ई-वे बिल सिस्टम, ई-चालान, फासटैग डेटा के जरिए निगरानी और केंद्र और राज्य द्वारा खुफिया कामो को साझा करने के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूती मिलेगी।

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