देहरादून में नवरात्र के छठे दिन भक्तों ने की मां कात्यायनी की पूजा

देहरादून में नवरात्र के छठे दिन भक्तों ने की मां कात्यायनी की पूजा

नई दिल्ली। देहरादून सहित प्रदेशभर में चैत्र नवरात्र की धूम हैं मां के भक्तों ने आज छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की। इस दौरान घरों व मंदिरों में लोगों ने पाठ तथा मंत्रोच्चार करके प्रसाद वितरण किया। शहर भर के विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगी हुई थी।

राजधानी देहरादून में शुक्रवार सुबह से ही काली मंदिर, डाटकाली मंदिर, संतला मंदिर, पृथ्वीनाग मंदिर, शाकम्भरी मंदिर, गीता भवन, टपकेशर सहित शहर के सभी मंदिरों में मां दुर्गा के छठे स्वरूप कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। इस मौके पर कात्यायनी देवी की विधिवत पूजा अर्चना कर सनातन धर्म परंपरा के अनुसार माता की वैदिक मंत्रों से मां का आह्वान किया गया।
नवरात्र के छठे दिन दुर्गा के नौ रूपों में से मां कात्यायनी की पूजा होती है। हिंदू मान्यता के अनुसार के कहा जाता है कि मां कात्यायनी का जन्म मह्रिषी कात्यायन के घर हुआ था। मह्रिषी कात्यायन के घोर तपस्या करके मां दुर्गा को प्रसन्न किया था। जिसके बाद मां दुर्गा से प्रसन्न होकर मह्रिषी को वरदान दिया कि मह्रिषी कात्यायन तुम्हारे यहां एक यहां पुत्री का जन्म होगा जिसे जन्मों जन्मों तक पूजा जाएगा। जिसके बाद उनका नाम कात्यायनी रखा गया।
आचार्य परंमानंद ने बताया कि नवरात्र के छठे दिन देवी के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। कहा जाता है मां कात्यानी भक्तों पर हमेशा अपनी कृपा हमेशा बनाए रखती हैं। मां कात्यायनी बहुत जल्दी ही भक्तों से प्रसन्न होकर उनके रोग, दुख, संताप, भय, और सभी कष्टों से उन्हें मुक्त कर देती है। मां कात्यायनी की पूजा से सभी भक्त अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष फलों की प्राप्ति होती है।