यूपी में 24 घंटे में मिले 251 नए कोरोना मरीज, इस जिले में सबसे ज्‍यादा मौतें

कोरोना ने पूरी दुनिया को तबाह करके रख दिया है। ब्रिटेन में 80 प्रतिशत आबादी का वैक्सीनेशन हो जाने के बाद भई कोरोना की तीसरी लहर ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि ब्रिटेन कोरोना के डेल्टा वेरिएंट से जूझ रहा है। देश में पिछले 24 घंटे में 10 हजार से ज्यादा कोरोना ने नए मामले दर्ज किए गए हैं। जिसके बाद भारत में भी लोग तीसरी लहर से आशंका से परेशान है। आपको बता दें कि ब्रिटेन में 80 फीसदी ज्यादा वयस्क आबादी को वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

वैक्सीन और डेल्टा वैरियंट के बीच टक्कर

टीकाकरण एवं प्रतिरक्षण पर संयुक्त समिति को सलाह देने वाले प्रोफेसर एडम फिन ने कहा कि देश में अब टीकों और कोविड-19 के डेल्टा वैरियंट के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा चल रही है। प्रोफेसर फिन ने कहा कि यह फैलता जा रहा है, शायद हम कुछ आशावादी हो सकते हैं कि यह तेजी से नहीं फैल रहा है, लेकिन फिर भी यह फैल रहा है। इस तरह, निश्चित तौर पर तीसरी लहर जारी है।

ब्रिटेन में डेल्टा वैरियंट मचा रहा कोहराम

आंकड़ों से यह जाहिर होता है कि प्रत्येक 540 संक्रमित मरीजों में से एक मरीज डेल्टा वेरिएंट से संक्रमित है। जो देश में अब सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस का स्वरूप बन गया है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक टीके की एक खुराक किसी व्यक्ति के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और अस्पताल में इलाज कराने की की संभावना, यहां तक कि डेल्टा स्वरूप से संक्रमित होने की स्थिति में भी, 75 प्रतिशत घटा देती है। साथ ही , टीके की दोनों खुराक ले चुके लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने और अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक घट जाती है।

भारत में 6 से 8 हफ्ते में आ सकती है तीसरी लहर- गुलेरिया 

देश में कोरोना के केस कम होने और अनलॉक होते ही लोग बेफिक्र हो गए हैं। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ऐसा ही रहा तो देश में 6 से 8 हफ्ते के बीच में कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। गुलेरिया ने कहा कि जब तक बड़ी संख्या में आबादी का टीकाकरण नहीं हो जाता, तब तक लोग आक्रामक तरीके से कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। उन्होंने संक्रमण के मामलों में बड़ी वृद्धि होने पर कड़ी निगरानी और क्षेत्र-विशेष में लॉकडाउन की आवश्यकता पर जोर दिया। गुलेरिया ने दोहराया कि अब तक इस बात का कोई सबूत नहीं है कि संक्रमण की अगली लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे।

दूसरी लहर ने मचाई है तबाही

आपको बतादें कि मार्च, अप्रैल और मार्च में कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में भयंकर तबाही मचाई थी। हर दिन लाखों केस सामने आ रहे थे और हजारों लोगों की मौत हो रही थी। अस्पतालों में मरीजों को एडमिट करने की जगह नहीं बची थी। ऑक्सीजन का भीषण संकट रहा। हालांकि पिछले कुछ दिनों से लगातार नए मामलों में गिरावट देखी जा रह है।

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