January 23, 2022 4:53 pm
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मध्यप्रदेशःकिसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपये की भावान्तर राशि जमा की गई

चौहान 3 1 मध्यप्रदेशःकिसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपये की भावान्तर राशि जमा की गई

सूबे में किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिये जोत के आधार पर खरीफ-2017 से ‘मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना’ शुरू की गई है। आपको बता दें कि योजना के माध्यम से खरीफ सीजन-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, तुअर, उड़द और मूंग फसल के लिये 12 लाख 38 हजार किसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपये की भावान्तर राशि जमा कराई है।

 

चौहान 3 1 मध्यप्रदेशःकिसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपये की भावान्तर राशि जमा की गई
मध्यप्रदेशःकिसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपये की भावान्तर राशि जमा की गई

प्याज उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान से उबारने के लिये बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की गई है

योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मंडी समिति के प्रांगण में फसल विक्रय करने पर पर मंडियों की मॉडल विक्रय दर के अन्तर की राशि किसानों के बैंक खाते में जमा करवाने का स्पष्ट प्रावधान है।वर्ष 2017-18 में प्याज का उत्पादन अधिक होने और प्याज के भाव गिर जाने पर प्याज उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान से उबारने के लिये बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की गई है। योजनान्तर्गत किसानों से 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर 8 लाख 73 हजार मैट्रिक टन प्याज खरीदा गया।

सरकार ने किसानों की उपज की खरीद निर्धारित करने की दिशा में शुरू किया काम

एक लाख 80 हजार किसानों को 480 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा रही है

बाजार हस्तक्षेप योजनान्तर्गत लहसुन उत्पादक किसानों को भी राहत दिलाने के मकसद से 800 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर लहसुन की प्रोत्साहन राशि दी गई। योजना में एक लाख 80 हजार किसानों को 480 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग में बाजार हस्तक्षेप दर के अनुसार किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिये 1000 करोड़ रुपये की राशि से मूल्य स्थिरीकरण कोष का गठन किया गया है।

राज्य सरकार ने किसानों को खसरा खतौनी की नकल वर्ष में एक बार उनके घर पर निशुल्क प्रदान करने की योजना शुरू की है। इसके साथ ही, कृषि उत्पाद लागत और विपणन की बेहतर सुविधा दिलवाने के मकसद से कृषि उत्पाद लागत और विपणन आयोग का गठन करने का निर्णय भी लिया है।

महेश कुमार यदुवंशी

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