अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती, तीन माह में मांगी रिपोर्ट

उत्तराखण्ड। धार्मिक स्थलों के नाम पर अवैध निर्माम कार्य को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है जिसमें भगवानपुर विकासखंड से जुड़े बिनारसी में पंचायत घर की भूमि पर बने अवैध निर्माण को तुरंत हटाने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने प्रदेश में पिछले तीन महीने में हुए अवैध निर्माणों का रिर्पोट देने को भी कहा है।

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हरिद्वार के रहने वाले अवनीश कुमार त्यागी की जनहित में दायर याचिका में कहा था कि हरिद्वार जिले के बुलेड में पंचायत भवन के लिये जमीन प्रस्तावित की गई थी लेकिन वहां अवैध कब्जा करमकान बना दिए गए। जिसका खिलाफ आवाज उठाने के बाद उसे धार्मिक स्थलों में बदल दिया गया। इस मामले में जिला प्रशासन और पुलिस से शिकायत से शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था।

जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस आलोक सिंह की खंडपीठ ने 48 घंटे के भीतर अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया साथ ही प्रदेश के दूसरे ऐसे अवैध निर्माण के बारे में भी मुख्य सचिव से रिपोर्ट पेश करने को कहा है। एक दूसरे मामले में फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि सभी हिल स्टेशनों और ग्लेशियरों को इको सेंसिटिव घोषित कर देने के आदेश भी दिए।