दीवाली आते ही शुरु हो जाता है पटाखे बनाने का गोरखधंधा

मेरठ। उत्तर प्रदेश के जिला मेरठ में दीपावली आते ही बम बनाने का काम जारों शोरों पर शुरु हो जाता है। मेरठ जिले का मवाना क्षेत्र में पटाखें बनाने का यह काम हर साल दीपावली आते ही तेजी पकड़ लेता है। बताया जाता है कि हर गांव में दीपावली आते ही यह गोरखधंधा शुरु हो जाता है, मुख्यरुप से घरों में आमदनी का यह मुख्य जरिया बनता जा रहा है। देखने में आता है कि इस धंधे में घरवाले मिलजुल कर पटाखे बनाते हैं। बडे तो बड़ंे बच्चे भी इस अवैध पटाखा बनाने के काम में घरवालों का साथ देते दिखते हैं।

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मेरठ के मवाना से पटाखे बनाने वालों की तस्वीर सामने आई है जिसमें घरवालों के साथ ही उनके मासूम बच्चे भी पटाखे बनाने मे उनका साथ दे रहे हैं। इनतस्वीरो में मासूम बच्चे सुतली बम के साथ अन्य सभी बारूद से सामान बना रहे है, ऐसे हल्की सी भी गलती न केवल बच्चो को बल्कि पूरे घर को निगल सकती है। आपको बता दे कि इससे पूर्व में भी थाना मवाना क्षेत्र गांव सटला में इस तरह की अवैध् बम फैक्ट्री में धमाका हुआ था जिसमे एक ही परिवार के कई लोगो की जान चली गई थी, और पड़ोसियों की जान पर बन आई थी लेकिन बावजूद इसके आज भी क्षेत्र में इस तरह की फैक्ट्री फल फूल रही है जिसका उदहारण ये तस्वीरें है।

आपको बता दे कि आज ही एस डी एम मवाना अरविन्द कुमार ने फायर ऑफिसर्स के साथ मिलकर मवाना में छापे मारी की जिसमंे लाखो के पठाके और बारूद बरामद हुआ, जिसमे आरोपी फरार हो गया लेकिन मौके पर पुलिस के लेट पहुचने पर एस डी एम ने पुलिस वालों को जमकर फटकार लगाई, लोगो का आरोप है कि पुलिस की शह पर ही क्षेत्र में ये काम चलता है।

rahul-gaupta   (राहुल गुप्ता, संवाददाता)