देशभर में मनाया जा रहा है रौशनी का त्योहार…ऐसे करें पूजा

नई दिल्ली। दीपावली हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार धार्मिक और सामाजित दोनों रुप से काफी महत्वपूर्ण है इसके साथ ही ये त्योहार सत्य की असत्य पर विजय को दर्शाता है। इसे सिख, बौद्ध और जैन धर्म को लोग भी जोर-शोर से मनाते हैं। कहते हैं इस दिन भगवान श्रीराम अपने 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या वापस आए थे और उनका स्वागत अयोध्यावासियों ने दीपो को जलाकार किया था तभी से पूरे भारत वर्ष में दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। भारत में दीपावली की तैयारिया महीनों पहले ही शुरू हो जाती है, लोग अपने मकान, दुकान और घरों के बाहर सफाई करते हैं और नए कपड़े खरीद कर अपने उत्साह को दर्शाते है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है।

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ऐसे करें लक्ष्मी पूजन:-

– पूजा घर को साफ करने गणेश लक्ष्मी जी का आसन लगाए और उसके बाद पूजा प्रारम्भ करें।

– पूजन के समय लक्ष्मी और गणेश जी की मूर्ति को पूर्व पश्चिम की दिशा में ही रखें।

– ध्यान रहे कि लश्र्मी जी को भगवान गणेश के दाहिनी ओर विराजमान करें।

– घर का जो सदस्य पूजा कर रहा हों वह गणेश लक्ष्मी के सामने की ओर मुख करके बैठे।

– कलश स्थापना करते समय नारियन को लाल रंग के कपड़े में लपेट के रखें।

– पूजन में गंगा को समर्पित 11 दीपक जलाना न भूलें, इन दियों को गंगा की ओर जलाकर रखें। एक -एक दीपक लक्ष्मी के बगल में रखें।

– पूजन आरम्भ करने के पहले पूजा के स्थान और आसन को पवित्र कर लें। इसके लिए हाथ में गंगाजल लेकर आसन और मूर्तियों के ऊपर छिड़कें।

– पूजा करते समय सम्भव हो तो नए वस्त्र घारण करें और ध्यानपूर्वक विधि-विधान से पूजन समपन्न करें।

पूजन सामग्री: –

दीवाली के दिन पूजन शुरु करने से पहले सभी सामग्री का होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए ग्यारह दीपक, खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप, सिन्दूर, कुंकुम, सुपारी, पान, फूल, चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी-चूने का लेप, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक आदि को एक थाली में सजाकर रख लें।

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जानें दीपावली का धार्मिक महत्व :-

ऐसा कहा जाता है कि इसी दिन राम 14 वर्षों का वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे तो वहीं 12 वर्षों के वनवास के साथ-साथ 1 वर्ष के अज्ञातवास के बाद पांडवों की भी घर वापसी हुई थी। कुछ स्थानों पर दीपावली के दिन भगवान विष्णु की पूजा भी की जाती है। कहते है इस दिन धन की देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और अपने भक्तों की पूजा-निष्ठा से प्रसन्न होकर उन्हें धन-धान्य से भर देती हैं। हर जगह दीपावली अलग-अलग तरह से मनाने का प्रचलन है, दीपावली को अंधकार से प्रकाश की ओर जाने को दर्शाता है। पूजा में इस मंत्र का उच्चारण करने से घर में शांति की स्थापना होता है।

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घर में शांति की स्थापना के लिए करें ये जाप:-

असतो मा सद्गमय ।
तमसो मा ज्योतिर्गमय ।
मृत्योर्मा अमृतं गमय ।
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥

पूजन में रखें इन बातों का ध्यान:-

माता लक्ष्मी के पूजन में कुछ विशेष वस्तुओं का प्रयोग करना चाहिए। लक्ष्मी जी की पूजा करते समय लाल व पीले रंग के कपड़ो का चुनाव करना चाहिए, मां को कमल और गुलाब बहुत प्रिय है इसलिए पूजा के दौरान इन पुष्पों को अर्पित करें। घर में बनी शुद्ध केसर की मिठाई और हलवा का भोग लगाए। इसके अलावा गन्ना, कमल गट्टा, खड़ी हल्दी, बिल्वपत्र, पंचामृत, गंगाजल, ऊन का आसन, रत्न आभूषणगाय का गोबर, सिंदूर, भोजपत्र से लक्ष्मी जी का पूजन करें।

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