नहाय खाय के साथ हुआ देश भर में छठ पूजा का आगाज

नई दिल्ली। लोक आस्था का पर्व छठ आज से देश भर में शुरू हो गया है। चार दिन तक चलने वाले इस पर्व का धार्मिक और सामाजिक रूप से अत्यधिक महत्व है। आज इस पर्व का पहला दिन कार्तिक शुक्ल चतुर्थी ‘नहाय-खाय’ के रूप में मनाया जा रहा है। आज के दिन सर्वप्रथम पूरे घर की साफ-सफाई की जाती है। इसके बाद छठव्रती स्नान आदि करके शुद्ध शाकाहारी खाना खाती है। इस भोजन में प्याज लहसुन आदि वर्जित होता है। छठव्रती के भोजन करने के बाद घर के अन्य सदस्य भोजन करते हैं। जिसमें सैंधा नमक, घी से बना हुआ अरवा चावल और कद्दू की सब्जी प्रसाद के रूप में खिलाया जाता है।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम :-

छठ पर्व पर सुरक्षा के लिहाज से सभी घाटों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया है। महापर्व पर लोगों की मदद के लिए ‘छठ पूजा पटना’ नाम की मोबाइल एप लॅान्च की है जिसमें छठ से संबंधित घाटों, पूजा समय आदि की पूरी जानकारी है। जिलाप्रशासन की इस एप को पहले ही दिन लगभग 400 से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया। इसके साथ ही पुलिस ने जनता सुरक्षा के मामले पर पूरी तरह से अस्वस्त किया है कि घाटों पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम होंगे।

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सांस्कृतिक महत्व :-

छठ पर्व मुख्यत: सूर्य की आराधना का पर्व है जिसका सांस्कृतिक आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व है। लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े इस पर्व में ना अत्यधिक धन की जरुरत होती है और ना ही किसी धर्मगुरू के निर्देशों की। छठ पर्व में खरना के उत्सव से लेकर अर्ध्यदान तक आस पास के लोग, पड़ोसी सभी उपस्थित होते हैं। इस त्योहार में लोग उपने दैनिक जीवन के दुखों -परोशानियों को भूलकर सेवा भाव और आस्था का विशाल प्रदर्शन करते हैं।

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छठ गीतों का प्रचलन :-

छठ पर्व में कुछ अवसरों जैसे प्रसाद बनाते समय, अर्घ्य देने जाते वक्त, अर्घ्य दान के समय और घाट से घर लौटते समय सुमधुर और पूरे भक्ति भाव से पूर्ण लोकगीत गाए जाते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्न प्रकार से हैं।

‘केलवा जे फरेला घवद से, ओह पर सुगा मे़ड़राय

निंदिया के मातल सुरुज अँखियो न खोले हे।

भइले आरघा के बेर