पाकिस्तान में कांगो विषाणु से 19 मरे

कराची। पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में टिक जनित विषाणु के कारण 19 लोगों की मौत हो चुकी है। स्थानीय अस्पतालों ने इस बीमारी से निपटने के लिए अलग वार्ड स्थापित किए हैं। पड़ोस के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वे टा में शनिवार को कांगो विषाणु के कारण एक महिला की मौत हो गई। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई। जिन्ना अस्पताल में शुक्रवार को एक रोगी की मौत के बाद अब्बासी शहीद अस्पताल, सिविल अस्पताल और जिन्ना अस्पताल में अलग वार्ड स्थापित किए गए हैं।

pakistan flag

मरीज की देखरेख में रहे चिकित्सकों और अर्धचिकित्साकर्मियों को विषाणु के संभावित लक्षणों के लिए निगरानी में रखा गया है। जियो न्यूज के अनुसार, स्वास्थ्य सेवा के वरिष्ठ निदेशक मुहम्मद अली अब्बासी ने कहा कि अब्बासी शहीद अस्पताल में इस तरह के अलग वार्ड में 40 बिस्तरों की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों को विषाणु से खुद को बचाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बलूचिस्तान के पशु चिकित्सा विभाग ने विषाणु से निपटने की कोशिश के तहत क्वे टा प्रशासन की मदद से मवेशियों पर छिड़काव कर रहा है।

विषाणु के खिलाफ एहतियाती कदम के रूप में बकरीद से पहले पेशावर के मवेशी बाजार में भी छिड़काव किया जा रहा है। मवेशी बाजार में आने वाले पशुओं की भी विषाणु के लिए जांच की जा रही है। जिन्ना अस्पताल के उपनिदेशक जावेद जमाली ने सुझाव दिया है कि बलि के बकरों को क्लोरीन मिश्रित पानी से स्नान कराने से टिक समाप्त हो जाता है।

कांगो विषाणु के कारण ताजा मौत क्वे टा के फातिमा जिन्ना टीबी अस्पताल में शनिवार देर शाम हुई। मृतक का नाम फातिमा बीबी था। उसे अफगानिस्तान के कांधार शहर से क्वे टा लाया गया था। फातिमा बीबी के रक्त के नमूनों में विषाणु की पुष्टि हुई थी। इस विषाणु से इस वर्ष बलूचिस्तान में 12 लोगों, कराची में पांच और बहावलपुर में दो लोगों की मौत हो चुकी है।