वर्ल्ड मलेरिया डे- क्या आप मलेरिया से लड़ने के लिए तैयार हैं

वर्ल्ड मलेरिया डे- क्या आप मलेरिया से लड़ने के लिए तैयार हैं

नई दिल्ली। मच्छरों हमारे जीवन को किस कदर नुकसान पहुंचा सकते हैं इस बात को हम सभी जानते हैं कि मच्छरों के काटने से बहुत सारी बीमारियों के होने का खतरा रहता है, जिनमे से सबसे मुख्य है मलेरिया। मौसम बदल रहा है और मौसम बदलने के साथ बढ़ रहा है खतरा बिमारियों का मौसम का रुख बदलते ही मच्छरों की संख्या बहुत बढ़ जाती है और बढ़ जाता है बिमारियों को होने का खतरा और एक शोध में ये पाया गया है कि तापमान बढ़ने के कारण मलेरिया के मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है और इसी से बचने के लिए आज पूरा विश्व World Malaria Day के रुप में मना रही है और मेलरिया से कैसे बच सके इसके लिए जागरुक किया जा रहा है।

मलेरिया होने पर रोगी को तेज बुखार आता है और उसे ठंड लगने लगती है और तेज बुखार होने के कारण वो बहुत कमजोर हो जाता है। इसलिए आपको इस बीमारी से खुद को और अपने परिवार को बचाकर रखना चाहिए। आज हम आपको World Malaria Day पर बताने जा रहे हैं कि अगर कोई रोगी मलेरिया की चपेट में है तो वो उससे कैसे जल्द ही ठीक हो सकता है।

तुलसी
सबसे पहले रोगी को मलेरिया की बीमारी में चाय का सेवन करना चाहिए। तुलसी, लौंग और काली मिर्च डालकर चाय का सेवन करें।

नीम
नीम यूं को बहुत कड़वी होती है पर हमारें शरीर के लिए नीम काफी फायदेमंद होती है इसलिए नीम को एक दवाई के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। खास तौर पर इसकी छाल को मलेरिया और त्वचा संबंधी रोगोँ के इलाज मेँ प्रयोग किया जाता है। नीम की पत्तियां, तुलसी के पत्ते और 1 चम्मच नींबू के रस को एकसाथ मिलाकर चटनी बनाकर सुबह और शाम खाने से मलेरिया के बुखार में लाभ होता है।

अदरक
मलेरिया से बचने के लिए आपको अदरक का इस्तेमाल करना चाहिए। मलेरिया का बुखार होने पर रोगी को अदरक को पानी में उबालकर सीरप की तरह पीना चाहिए। अदरक में जिंजरोल एक सक्रिय घटक मौजूद होता है इसमें मौजूद हाइड्रोकार्बन शरीर में एंटीबैक्‍टीरियल और एंटी इंफलेमटरी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। यह एक बहुत ही इफेक्टिव नेचुरल उपाय है।

फिटकरी
मलेरिया के बुखार के समय आपको थोडी सी फ़िटकरी तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें। आधा चम्मच पाउडर बुखार आने के 3 घंटे पहले पानी से पीएं। बाद में हर दूसरे घंटे पर यह दवा लेते रहने से बुखार खत्म होता है।

दालचीनी और शहद
मलेरिया के दौरान रोगी के लिए दालचीनी और शहद काफी फायदेमंद होता है। एक गिलास पानी लें। इसमें एक चम्मच दालचीनी, एक चम्मच शहद और आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर मिलाकर गर्म करें। ठंडा होने पर पीएं, यह अत्यंत लाभकारी नुस्खा है।

नींबू
मलेरिया में नींबू काफी फायदेमंद होता है। गरम पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से बुखार की तीव्रता घटने लगती है। इसमें मौजूद मिनरल्‍स और विटामिंस शरीर को मलेरिया से बाहर निकालने में मदद करते है।

संतरा का जूस
संतरे का जूस मलेरिया के रोगी के लिए काफी फायदेमंद होता है। विटामिन सी को इम्‍यून सिस्‍टम बढ़ाने के लिए जाना जाता है। और ये मलेरिया के उपचार में कुछ मात्रा में अपना योगदान देता है। मलेरिया के बुखार के दौरान कई लोग अपने आप को हाइड्रेड रखने के लिए संतरे के ज्‍यूस को पीना पसंद करते है। इसमें मौजूद एंटीऑक्‍सीडेंट और विटामिन सी इम्‍यून सिस्‍टम को बढ़ाने में मदद करता है।

अंगूर
अंगूर मलेरिया के लिए काफी फायदेमंद होता है अंगूर के अंदर काफी शक्तिशाली पदार्थ पाया जाता है जिससे रोगी मलेरिया के प्रभाव से बच सकता है।

मैथी
मैथी के बीज किसी भी मलेरिया के रोगी के लिए काफी अच्छा होता है इससे प्रतिरक्षा प्रणाली में काफी मदद मिलती है। औक मलेरिया से बचने के लिए मैथी के बीज को पानी में उबालकर पीना चाहिए और साथ ही मैथी की सब्जी खानी चाहिए।

आज पूरा विश्व मलेरिया से बचने के लिए जागरुक अभियान चला रहा है और प्रण ले रहा है कि मलेरिया को जड़ से उखाड़ फेकेंगे तो आज विश्व मलेरिया दिवस पर आप भी यें प्रण ले कि मलेरिया से बचने के लिए आप भी हर वो काम करेंगे जो जरुरी है और खुद को और अपने परिवार और देश को मलेरिया के चंगुल से बचाएंगे।