21 किलो गांजे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, जानिए और क्या-क्या मिला

कानपुर: कानपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गांजा तस्करों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साथ ही 21 किलो गांजे के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए तीन तस्‍करों में से दो दिल्ली के हैं, जबकि एक कन्नौज जिले का निवासी बताया जा रहा है। एसटीएफ और रेल बाजार पुलिस के चलाए गए संयुक्त अभियान में ये कार्रवाई की गई है।

एक स्‍कॉर्पियो और नकदी बरामद

एसटीएफ और पुलिस के संयुक्‍त अभियान में पकड़े गए आरोपियों के पास से 21 किलो गांजे के साथ ही एक स्कॉर्पियो गाड़ी और नकदी बरामद की गई है। एसटीएफ लखनऊ घनश्याम यादव और इंस्पेक्टर रवि श्रीवास्तव के नेतृत्व में ये एक्शन लिया गया है।

कम होने का नाम नहीं ले रही तस्करी

बता दें कि गांजा तस्करों के खिलाफ पुलिस द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। जिले के कई स्थानों पर गांजा तस्कर सक्रिय हैं, जिन पर पुलिस छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार करती है। इसके बाद भी तस्करी का ये धंधा कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है।

विदेशों तक होती है गांजे की तस्करी  

गांजा एक मादक पदार्थ है। इस पदार्थ का इस्तेमाल नशे करने के लिए होता है। गांजे की स्मगलिंग विदेशों तक की जाती है। यहां स्मग्लिंग करने से गांजा तस्करों को भारी कमाई होती है। भारत के कानून के हिसाब से गांजे का सेवन करना और उसे रखना प्रतिबंधित माना गया है। इसके लिए कानून में विशेष सजा का प्रावधान है।

10 हजार रुपए है एक किलो गांजे की कीमत!

दिल्ली में एक किलो गांजे की कीमत करीब 10,000 रुपये है तो वहीं, बिहार में इसकी कीमत मात्र 3,000 रुपये है। गांजा तस्कर जब तस्करी करते हैं तो कोशिश करते हैं कि बड़ी मात्रा में इसकी तस्करी की जाए, जिससे उन्हें बड़ी कीमत हासिल हो। भारत में लोग चोरी छिपे गांजे की खेती भी करते हैं।

हालांकि, गांजे का पौधा केवल नशा ही नहीं देता है बल्कि इससे कई प्रकार की दवाइयां भी बनाई जाती हैं। गांजे के पेड़ का फूल प्रतिबंधित है, जबकि इसकी पत्तियों के इस्तेमाल पर कोई रोक-टोक नहीं है।

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