featured धर्म

Mauni Amavasya 2022: मौनी अमावस्या आज, जानें पितृदोष का कैसे करें निवारण

आषाढ़ अमावस्या के दिन लगाएं ये पेड़, आएगी घर में खुशहाली

Mauni Amavasya 2022 || माघ मास की मौनी अमावस्या आज यानी  1 फरवरी 2022 मंगलवार को महादेव योग में आ रही है। हिंदू धर्म के अनुसार इस दिन स्नान,दान पुण्य का काफी महत्व माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि अमावस्या पर अज्ञात भय से निवास वक्त पित्र दोष के निवारण के लिए विशेष उपाय करने से अत्यंत लाभ की प्राप्ति होती है और घर परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।

345190 mauni amavasya Mauni Amavasya 2022: मौनी अमावस्या आज, जानें पितृदोष का कैसे करें निवारण

पित्र दोष का कैसे होगा निवारण

ज्योतिषियों के अनुसार अमावस्या तिथि पर अज्ञात भय को दूर करने के लिए शिव मंदिर में पानी वाला नारियल चढ़ाने से मानसिक शांति और डर से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान शिव पर काले तिल युक्त दूध के अभिषेक करने से पित्र दोष समाप्त हो जाता है। 

इस बार 12 अप्रैल को पड़ रही सोमवती अमावस्या, व्रत रखने से मिलता है ये लाभ

मान्यता यह भी है कि अमावस्या तिथि के दिन सुबह उठकर स्नान करें और भगवान शिव और भगवान विष्णु का नाम स्मरण करें आटे की गोलियां बनाएं। इसके बाद नदी या सरोवर पर जाकर आटे की गोलियों को मछलियों को खिलाएं। इस उपाय से जीवन में आ रही अनेकों परेशानियों निवारण हो सकता है। वहीं शाम के वक्त घर में ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाएं। यह उपाय करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होते हैं जिससे आर्थिक बाधाएं समाप्त हो जाती हैं। 

भूल के भी ना करें यह काम

अमावस्या पर कभी भी श्मशान या कब्रिस्तान में या उसके पास नहीं घूमना चाहिए।इस समय बूरी शक्तियां सक्रिय रहती हैं और इन बूरी शक्तियां नकारात्मरक प्रभाव डालती है।यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हो और नकारात्मक सोच से घिरा हुआ हो तो ये संभावना और भी बढ़ जाती है।

इस बार 12 अप्रैल को पड़ रही सोमवती अमावस्या, व्रत रखने से मिलता है ये लाभ

मौनी अमावस्या के दिन स्नान का बहुत महत्व होता है।वैसे तो किसी पवित्र जगह पर स्नान करना ज्यादा शुभ होता है, लेकिन अगर ऐसा संभव ना हो पाए तो कर पर ही स्नान कर लें और सूर्य को अर्घ दें।

इस दिन स्त्री-पुरुष को संयम बरतते हुए किसी भी तरह का संबंध नहीं बनाना चाहिए।इस दिन से उत्पन्न हुई संतान को कभी सुख नहीं मिलता।इस दिन शरीर में तेल भी नहीं लगाना चाहिए।

Related posts

पुल से नीचे गिरी बस, 20 लोगों की मौत, कई अन्य घायल

bharatkhabar

बिहार: सुशांत सिंह राजपूत के पांच परिजनों की सड़क हादसे में हुई मौत

Neetu Rajbhar

पाकिस्तान मुस्लिम लीग के अध्यक्ष पद से मुशर्रफ ने दिया इस्तिफा

rituraj