भारत बंद का बिहार में असर-पांच घंटे फंसी रहीं 19 ट्रेनें

नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट के फैसले के खिलाफ पूरा भारत बंद हैं जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किए जा रहे है दलित संगठनों की नाराजगी बढ़ती जा रही हैं। बता दे कि एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिशा निर्देश दिए गए थे। जिसका विरोध करते हुए भारत के अलग अलल राज्यों में दलितों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और नाराज संगठनों ने सोमवार को भारत बंद करने का एलान किया था जिसका असर बिहार में भी साफ तौर पर दिख रहा हैं। भारत बंद होनें का असर साफ तौर पर रेल व सड़क यातायात पर भी देखा जा रहा हैं। जिसमें साफ तौर पर हिंसा भड़क उठी हैं। बता दे कि बिहार में भी इसका असर साफ तौर पर देखा जा रहा हैं।

 

 

एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए दिशा-निर्देश से दलित संगठनों में नाराजगी है। इन नाराज संगठनों ने सोमवार को भारत बंद रखा है। बिहार में यह बंद असरदार दिख रहा है। बंद के कारण जगह-जगह रेल व सड़क यातायात प्रभावित हैं। बंद समर्थकों ने पटना व हाजीपुर के बीच उत्तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। रेलवे ट्रैक की मरम्मत के लिए रविवार को अलग-अलग जगहों पर ब्लॉक लगाया गया। इस दौरान 19 ट्रेनें फंसी रहीं. मुगलसराय के बाद से ही ट्रेनों को कंट्रोल कर दिया जा रहा था। नॉन स्टॉप ट्रेनों को भी हर स्टेशन पर 15 से 20 मिनट तक रोक कर चलाया जा रहा था।

आरा व कुल्हड़िया के बीच डाउन लाइन में व दानापुर व नेउरा के बीच अप लाइन के रेलवे ट्रैक को मरम्मत की जा रही थी। इस दौरान करीब पांच घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही बंद रही। ट्रेनों की आवाजाही ठप होने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह में बक्सर से खुलनेवाली 63262 डाउन फतुहा-बक्सर पैसेंजर ट्रेन दो घंटे लेट वहीं से ही लेट खुली। इसी तरीके से दोपहर में पटना से खुलनेवाली 63225 अप पटना-मुगलसराय पैसेंजर ट्रेन ढाई घंटे रीशेड्यूल किया गया।

इस दौरान मगध एक्सप्रेस, सूरत-भागलपुर एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक-गुवाहाटी एक्सप्रेस, द्वारिका एक्सप्रेस सहित 19 ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. समय से रैक नहीं पहुंचने की वजह से कई ट्रेनों को रीशेड्यूल किया गया.

राजद, सपा, कांग्रेस और शरद यादव का समर्थन मिला है।

अनुसूचित जाति-जनजाति संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सोमवार को आहूत भारत बंद को सफल बनाने के लिए दलित संगठन सड़कों पर हैं। बंद के दौरान वैशाली में एक कोचिंग संस्‍थान को बंद कराने के दौरान छात्रों से बंद समर्थकों की भिड़त हो गई। इसमें दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं। बंद समर्थक पटना सहित राज्‍य के विभिन्‍न जगहों पर एंबुलेंस सहित आवश्‍यक सेवाओं की गाडि़यों को भी रोक रहे हैं।

क्या रहा आंदोलन का असर

-मोकामा में बंद समर्थकों ने किया हंगामा, जमकर कर रहे नारेबाजी

– जहानाबाद में पैसेंजर ट्रेन रोकी। अररिया के फॉरबिसगंज में पैसेंजर ट्रेन रोक दी गई है। जहानाबाद में भी रेल ट्रैक पर आदेालनकारियों का कब्‍जा है। बंद समर्थकों ने सहरसा जंक्शन पर राजरानी एक्‍सप्रेस को रोक दिया। मधुबनी रेलवे स्टेशन पर गंगासागर एक्सप्रेस करे रोक हिदया। उधर, बेगूसराय में बंद समर्थकों ने 12553 अप बरौनी-नई दिल्ली वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को बरौनी जंक्शन पर रोक दिया।

– खगड़िया में मेघौना चौक जाम है तो पूर्णिया में सड़क पर वाहनों को खड़ा कर जाम कर दिया गया है। पूर्णिया के गिरिजा चौक पर टायर जला कर विरोध किया गया। बांका, कटिहार, सहरसा व मधेपुरा में भी सड़क जाम है। बांका में बाजार भी बंद है। बंद समर्थकों ने आरा में आरा-पटना मार्ग जाम कर दिया है।
– मधुबनी के दौरान रहिका प्रखंड मुख्यालय में एनएच पर वाहन फंस गए हैं। शहर का सरकारी बस पड़ाव वीरान पड़ा है।
– मुजफ्फरपुर में एनएच 77 तो बेतिया में मैनाटांड में सड़क जाम है।
– पटना-गया मुख्य मार्ग पर खिज्रसराय थाना क्षेत्र अंजर्गत आइमा के पास एंबुलेंस व सुधा दूध की गाड़ी को भी रोक दिया।
सीतामढ़ी, बेगूसराय, मोतिहारी व मधुबनी सहित राज्‍य के कई इलाकों में बंद समर्थकों ने सड़कों पर आगजनी कर प्रदर्शन किया।
– वैशाली के पासवान चौक पर बंद समर्थकों ने उत्‍तर व दक्षिण बिहार की लाइफलाइन ‘महात्‍मा गांधी सेतु’ को जाम कर दिया है। इससे सेतु पर गाडि़यों की लंबी कतार लग गई है।
– वैशाली में ही एक निजी कोचिंग संस्थान पर बंद समर्थकों ने हमला किया, जिसके विरोध में छात्र उनसे उलझ गए। दोनों तरफ से जमकर उत्पात हुआ। घटना में दर्जनों छात्र घायल बताए जा रहे हैं।
– पटना अशोक राजपथ सहित कई जगह आंदोलनकारी सड़कों पर हैं। उन्‍होंने सड़कों पर अगजनी कर सड़क जाम किया। गायघाट में अंबेडकर गोलंबर के समीप मुख्य सड़क पर आग लगाकर वाहनों का परिचालन रोक दिया गया। इस दौरान राजेन्द्र नगर टर्मिनल स्‍टेशन पर हिंदुस्‍तानी अवाम मोर्चा के समर्थक व कार्यकर्ता प्रदर्शन करते दिखे।

पटना का हृदय माना जाने वाला डाकबंगला चौराहा जाम है। इससे दूरे पटना की यातायात व्‍यवस्‍था चरमराती दिख रही है। उधर, गोलघर से दानापुर जाने वाली सड़क भी जगह-जगह जाम है। सड़क जाम के कारण आम लोग परेशान हैं और पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है।
पुलिस बनी मूक दर्शक
बंद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने जिलों को अलर्ट जारी किया है। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। डीजीपी केएस द्विवेदी ने कहा कि सांकेतिक प्रदर्शनों के दौरान भी पर्याप्त पुलिस बल तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। हर जगह पुलिस की तैनाती की गई है, लेकिन बंद के कारण आम लोगों की परेशानी दूर नहीं हो रही। अधिकांश जगह पुलिस बेबस बनी दिख रही है।

राजद के साथ कांग्रेस का भी समर्थन
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि भारत बंद को सफल बनाने में पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रदेश सपा अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव के मुताबिक दलित प्रताडऩा को रोकने के लिए लागू एससी-एसटी अत्याचार निरोधक कानून को और भी कड़ाई से लागू करने की जरूरत है। ऑल इंडिया युनाइटेड मुस्लिम मोर्चा ने भी भारत बंद का समर्थन किया है।
भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने अनुसार एससी-एसटी (अत्याचार निरोधक) कानून के मसले पर आहूत भारत बंद का पार्टी का सक्रिय समर्थन है। माले के विधायक विधानसभा के अंदर भी प्रदर्शन करेंगे। बंद का ‘हम’ भी समर्थन कर रहा है। बंद को लेकर प्रतिक्रिया में वंचित मंच मोर्चा के राश्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोर्ट में पैरवी ही ठीक से नहीं की।