जानिए हिंदुस्तान से क्यों कांपता है पाकिस्तान

68 साल पहले भारत और पाकिस्तान को आजादी मिली। इन 68 सालों में दोनों मुल्क चार जंग लड़ चुके हैं। 1971 की लड़ाई में मिली हार के बाद से पाकिस्तान ने अपनी सैनिक ताकत बढ़ाने के लिए कितने ही हठकंडे अपनाए लेकिन भारतीय सेना के सामने उसकी ताकत जस-की-तस रही। आज दोनों मुल्क परमाणु हथियारों से लैस हैं। दोनों के सैन्य बल में भी ज्यादा फर्क नहीं है लेकिन फिर भी पाक सेना भारतीय सेना के मुकाबले कमजोर नजर आती है। ऐसे में अगर पांचवें युद्ध का जोखिम उठाया गया तो सरहद के दोनों तरफ सिर्फ और सिर्फ बर्बादी बच जाएगी।

Pak Flag

पाक सीमा पार से अक्सर सीजफायर का उल्लंघन करता रहा है या कहें तो वह भारत को युद्ध के लिए उकसाता रहा है। लेकिन बार-बार उकसाने के बाद भी भारत ने संयम बरता है। राजनैतिक और सैन्य स्तर पर ये संयम जरूरी भी है। दरअसल 1971 की लड़ाई के बाद भारत-पाक सीमा विवाद टाइम बम की शक्ल ले चुका है। सैन्य ताकत बढ़ाने के साथ-साथ पाकिस्तान ने भारत की तरफ अपनी सेना की तैनाती की व्यवस्था भी जबर्दस्त कर दी है। आज की तारीख में भारत और पाकिस्तान की एक दूसरे की तरफ सैन्य तैनाती लगभग बराबर है।

आइए जानें विश्व के इस्लामिक देशों वहां की जनसंख्या और उनकी ताकत के बारे में:-

विश्व में कुल जनसंख्या लगभग 750 करोड़ है इनमें से मुस्लिम धर्म को मानने वालों की कुल आबादी 162 करोड़ है। पूरी दुनिया में कुल 53 इस्लामिक देश हैं। इन इस्लामिक देशों की पूरी ताकत यह है कि इनमें से कई इस्लामिक देश इतने छोटे हैं कि उनसे ज्यादा बड़ा तो भारत का राज्य गोवा है। पाकिस्तान के अलावा कोई भी मुस्लिम देश परमाणु शक्ति संपन्न नहीं हैं। इन 53 इस्लामिक देशों की सारी सेनाओं की कुल संख्या लगभग 19.62 लाख है। जब कि भारत के पास अकेले 16.82 लाख थल सेना और 11.31 लाख रिजर्व सैनिक बल है। किसी इस्लामिक देश के पास विमान वाहक युद्धपोत नहीं है जबकि भारत के पास 5 युद्धपोत हैं। किसी इस्लामिक देश के पास एंटी ब्लास्टिक मिसाइल नहीं है। चीन, जर्मनी के बाद भारत दुनिया का तीसरा देश है जिसके पास मिसाइल को हवा में नष्ट करने की ताकत है। किसी भी इस्लामिक देश के पास 1200 किलोमीटर से ज्यादा की मारक शक्ति वाली मिसाइल नहीं हैं। भारत के पास 7000 तक दुश्मनों को मारने वाली पृथ्वी-5 मिसाइल है। किसी इस्लामिक देश के पास सुपर सोनिक मिसाइल नहीं है। भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइल है। ये शक्ति सिर्फ अमेरिका, जर्मनी, चीन और रूस के पास है। दुनिया में कुल आतंकवादियों की संख्या 2.13 लाख है। सीआईए की रिपोर्ट के अनुसार मान लिया जाए तो सारे इस्लामिक देशों के आतंकवादी साथ मिलकर भारत के साथ युद्ध करते हैं तो भी भारतीय सेना मात्र 14 दिनों में सारे इस्लामिक देशों में तिरंगा फहराने की हिम्मत रखती हैं। यानि शक्ति संपन्न भारत के पास अपनी रक्षा के सभी गुण मौजूद हैं फिर भी पाकिस्तान किसके शह पर भारत को युद्ध के लिए उकसाता है यह कुछ लोगों के लिए जानने का विषय भले ही हो लेकिन इसे पूरा विश्व जान चुका है कि इस तरह की ताकतों को पनपने के लिए जिन देशों की शह पाकिस्तान को मिल रही है उसमें से कुछ भारत के पड़ोसी मुल्क हैं तो कुछ वो देश जो भारत के साथ भी दोस्ती का स्वांग रचते रहते हैं।

जानें भारत और पाकिस्तान की सैन्य ताकतों के बारे में:-

भारतीय सैन्य निकाय की संख्या 9 है तो पाकिस्तान के 8 सैन्य निकाय भारत की तरफ निशाना साधे हुए हैं। भारतीय सेना में 13 लाख सैनिक हैं जबकि पाकिस्तानी सेना में 6 लाख सैनिक हैं। भारत के पास 2295 टैंक हैं तो पाकिस्तान के पास नए पुराने मिलाकर 3620 टैंक हैं। भारत के पास 600 फाइटर प्लेन हैं तो पाकिस्तान के पास भी 400 लड़ाकू विमान हैं। इन सब बातों से सैन्य ताकतों का जितना लेना देना है उससे ज्यादा इस बात से लेना-देना है कि युद्ध के समय बेहतर रणनीति कौन बनाता है। दरअसल सैन्य निकाय की तैनाती के साथ साथ अहम बात यह भी होती है कि हमला करने के लिए स्ट्राइक फॉरमेशन की क्षमता किसके पास है। जानकारों के मुताबिक इस मामले में भारत का पलड़ा थोड़ा भारी है। अपने आर्मर्ड डिविजन के इर्द-गिर्द भारत तीन स्ट्राइक फॉर्मेशन कर सकता है जबकि पाकिस्तान दो।

इन सब से अलग भारत की सीमा केवल पाकिस्तान से लगी नहीं है बल्कि और भी देशों की सीमाएं भारत के साथ लगती हैं। यानि भारत के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा काफी लंबी चौड़ी है जबकि पाकिस्तानी सेना की तैनाती ज्यादातर भारत की ओर ही है। यही वजह है कि दोनों देशों की थल सेना में ज्यादा अंतर नजर नहीं आता। लेकिन भारत की वायु क्षमता पाकिस्तान के मुकाबले कहीं बेहतर दिखती है। भारत के पास पाकिस्तान से सटे 12 एयर बेस हैं जहां मिग, जगुआर, सुखोई और मिराज जैसे लड़ाकू विमान तैनात हैं। इसके मुकाबले पाकिस्तानी वायुसेना के पास 7 एयरबेस हैं जहां मिराज, जेएफ और एफ 16 जैसे लड़ाकू विमानों की तैनाती है।

हालांकि आधुनिक अवॉक्स एयरक्राफ्ट के मामले में पाकिस्तान ने भारत को पीछे छोड़ दिया है। आधुनिक युद्ध में इन विमानों का इस्तेमाल बेहद अहम होता है। ये विमान रडार युक्त होते हैं जो दुश्मन देश के प्लेन, पानी के जहाज और मिसाइल की जानकारी दे सकते हैं। भारत के पास फिलहाल सिर्फ 3 अवॉक्स एयरक्राफ्ट हैं जबकि पाकिस्तान ने 9 विमानों का जखीरा तैयार कर लिया है।

जानकारों की माने तो पाकिस्तान के पास 90 से 100 न्यूक्लियर वॉरहेड्स हैं जो भारत के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। वहीं मिसाईल शक्ति में भी पाकिस्तान ने भारत की बराबरी कर ली है। इंडियन नेवी पाकिस्तान के मुकाबले जरूर मजबूत है। 1971 की लड़ाई के बाद पाकिस्तान ने रक्षा बजट में जबर्दस्त बढ़ोतरी की है।

जानें दुनिया की ताकतवर सेनाओं में कैसे एक है भारतीय सेना:-

देश आजादी के जश्न में डूबा है और हमारी सरहदों पर विदेशी घुसपैठिए लगातार घुसपैठ की फिराक में हैं। इसके बाद भी भारत हमेशा दोस्ताना रवैया अख्तियार किए हुए है और दुनिया को शांति का संदेश दे रहा है। सरहद पर रह-रह कर हो रही गोलीबारी से देश के भीतर और बाहर सवाल उठने लगे हैं लेकिन भारत को कमजोर समझने वालों को समझना चाहिए कि भारत महाशक्तिशाली देशों में शुमार किया जाता है और इतनी ताकत है कि पाकिस्तान जैसे देशों को पल भर में नश्तेनाबुद कर सकता है।

15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता के बाद से भारत ने ज्यादातर देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की कोशिश की है। हालांकि, भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच चार बार (1947, 1965, 1971 और 1999 में) युद्ध भी हो चुका है। वहीं दूसरी तरफ चीन ने भी साबित कर दिया है कि वह भारत का सबसे बड़ा दुश्मन है। यही कारण रहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध और पाकिस्तान के साथ 1965 के युद्ध के बाद भारत ने अपनी सैन्य और आर्थिक स्थिति का विकास करने का प्रयास किया। सोवियत संघ के साथ अच्छे संबंधों के कारण 1960 के दशक से वह भारत का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता देश के रूप में उभरा है। आज रूस के साथ सामरिक संबंधों को जारी रखने के अलावा, भारत ने इजरायल और फ्रांस के साथ भी रक्षा संबंध जारी रखा है। 1974 में भारत ने पहले परमाणु हथियारों का परीक्षण किया और आगे 1998 में भूमिगत परीक्षण किया जिसके कारण भारत पर कई तरह के प्रतिबन्ध भी लगाए गए। भारत के पास अब तरह-तरह के परमाणु हथियार है। भारत अभी रूस के साथ मिलकर पांचवीं पीढ़ी की विमान बना रहा है।

जानें विश्व के 5 सबसे शक्तिशाली देशों की सैन्य क्षमता:-

लगभग 1.3 मिलियन सक्रिय सैनिकों के साथ, भारतीय सेना दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी सेना है। भारत की सशस्त्र सेना में भारतीय थल सेना, नौसेना, वायु सेना, और अर्द्धसैनिक बल, तटरक्षक, और सामरिक जैसे सहायक बल हैं। साल 2011 में भारतीय रक्षा बजट 36.03 अरब अमरिकी डॉलर रहा (या सकल घरेलू उत्पाद का 1.83%)। साल 2011 में भारतीय रक्षा मंत्रालय के वार्षिक रक्षा बजट में 11.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। ऐसे में भारत दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातक देश बन गया है।

जानें भारत-पाक सैनिकों के पास क्या-क्या है खास हथियार:-

भारतीय सेना के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं, वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं। अग्नि 5 भारत की सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है। इस इंटर कॉन्टिनेटल बैलेस्टिक मिसाइल की मारक क्षमता 5000 ‍किमी है, जबकि बाबर की मारक क्षमता केवल 1000 किमी है। भारत के पास 1600 टैंक हैं जबकि पाकिस्तान के पास 1000 टैंक हैं।

वायुसेना की बात की जाए तो भारत इसमें पाकिस्तान से कहीं आगे है। भारतीय वायुसेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। चीन से भी बेहतर मानी जाने वाली भारतीय वायुसेना के पास 1 लाख 27 हजार जवान हैं जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ 65 हजार वायुसैनिक हैं।

विमानों की बात की जाए तो भारत के पास 1380 विमानों का बेड़ा है जिसमें सुखोई एम 30, मिग-29, मिग-27, मिग-21, मिराज और जगुआर जैसे आधुनिक विमान हैं। पाकिस्तान के पास चीनी एफ-7, अमेरिकी F-16 और मिराज शामिल हैं, लेकिन उसके पायलटों का तकनीकी ज्ञान कमजोर है जबकि भारतीय पायलटों का लोहा पूरा विश्व मानता है। भारत के पास एक एयरक्राफ्ट करियर भी है जबकि पाकिस्तान के पास नहीं है।

भारत के पास करीब 58350 जल सैनिक हैं जबकि पाकिस्तान के पास इनकी संख्या मात्र 25 हजार है। भारत के पास 27 पनडुब्बी जबकि पाकिस्तान के पास 10 पनडुब्बी हैं। भारत के पास 27 युद्धपोत है जबकि पाकिस्तान के पास कोई युद्धपोत नहीं है। भारत के पास 150 युद्धपोत जबकि पाकिस्तान के पास 75 युद्धपोत हैं। परमाणु हथियारों की अगर बात की जाए तो भारत के पास 50 से 90 परमाणु हथियार है जबकि पाकिस्तान के पास करीब 50 परमाणु हथियार हैं।
पाकिस्तान शायद यह भूल चुका है कि भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी तीसरी फौज है, जो चार बार पाकिस्तान को धूल चटा चुकी है। पाकिस्तान शायद यह भी भूल चुका है कि 1971 में भारतीय सेना ने उसके 90 हजार सैनिकों से हथियार डलवाए थे।

भारत सैन्य शक्ति में मुकाबला चीन से करता है, न कि पाकिस्तान से। पाकिस्तान सैन्य शक्ति में भारत से होड़ में लगा रहता है। पाकिस्तान अपने जीडीपी का 3 प्रतिशत सैन्य शक्ति पर खर्च कर रहा है। आंकड़ों से पता चलता है कि पाकिस्तान भारत के आगे कहीं नहीं ठहरता है। भारतीय सैनिक युद्धाभ्यास में इतने कुशल हैं कि अमेरिकी सैनिक भारतीय सेना से आतंकवाद से निपटने के गुर सीखते हैं।

जानें सार्वाधिक रक्षा बजट वाले विश्व के 5 देशों के बारे में:-

ये आंकड़े दुनिया के सर्वाधिक रक्षा बजट पर खर्च करने वाले देशों में से प्रथम 5 देशों के हैं जो अपनी रक्षा के लिए सार्वाधिक धन का इसेतेमाल अपनी सेना के लिए और हथियार करने के लिए करते हैं। आंकड़े 2010-11 के बजट पर आधारित हैं। इसमें पहले नंबर पर अमेरीका का स्थान आता है जो प्रति वर्ष 739.3 अरब डॉलर का बजट केवल रक्षा पर खर्च करता है वहीं चीन का नंबर दूसरा है जो 89.9 अरब डॉलर अपनी सेना पर खर्च करता है। फिर नंबर आता है ब्रिटेन का जिसका रक्षा बजट 62.7 अरब डॉलर है। वहीं चौथे स्थान पर फ्रांस है जिसका रक्षा बजट 58.5 अरब डॉलर है तो भारत को इस मामले में पांचवां स्थान प्राप्त है जिसका रक्षा बजट साल 2010-11 में 37.7 अरब डॉलर था। यानि रक्षा बजट के मामले में भी पाकिसातन भारत से काफी पीछे है।

(गंगेश कुमार, वरिष्ठ पत्रकार)