नकली माल बनाने में चीन अव्वल, जानें भारत का नंबर

India Chinaनई दिल्ली। दुनिया में नकली माल के कारोबार के आंकड़े सामने आए हैं। इनके मुताबिक भारत पूरे विश्व में नकली माल कारोबार करने में पांचवें नंबर पर है, जबकि चीन का स्थान पहला है। पूरी दुनिया में पाइरेटिड और नकली माल का कारोबार हर साल करीब 5 खरब डॉलर का है। इसमें चीन की सबसे अधिक 63 पर्सेंट हिस्सेदारी है। चीन के बाद तुर्की, सिंगापुर, थाईलैंड और भारत का नंबर आता है।

ऑर्गनाइजेशन इकॉनमिक कॉपरेशन ऐंड डिवेलपमेंट की ओर से कराई गई स्टडी में यह बात सामने आई है। यूरोपियन यूनियन इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस की मदद से तैयार की गई इस रिपोर्ट के मुताबिक यह पांच देश ही पूरी दुनिया में नक` মाल का सबसे अधिक उत्पादन करते हैं। दुनिया भर में सीज किए नकली माल के आधार पर दूसरे नंबर पर आए तुर्की की हिस्सेदारी इस मामले में महज 3.3 पर्सेंट है। पूरी दुनिया में नकली माल के कारोबार के मामले में सिंगापुर की हिस्सेदारी 1.9 पर्सेंट है, जबकि थाईलैंड का हिस्सा 1.6 पर्सेंट है।

भारत की बात करें तो इसका हर साल पूरी दुनिया में नकली माल के कारोबार 1.2 फीसदी हिस्सा है। नई स्टडी को लेकर ओईसीडी ने कहा, ‘पूरी दुनिया के सालाना आयात में नकली माल की हिस्सेदारी 2.5 पर्सेंट है। विश्व में नकली माल का सालाना कारोबार करीब 5 खरब रुपये का है। इस माल से अमेरिका, इटली और फ्रेंच के ब्रैंड्स को सबसे अधिक नुकसान हुआ है।’

स्टडी के मुताबिक 2013 में पूरी दुनिया में नकली माल का कारोबार 461 अरब डॉलर का रहा। स्टडी में कहा गया, ‘यूरोपियन यूनियन में होने वाले कुल आयात में पांच फीसदी हिस्सा नकली माल का है। इस माल का ज्यादातर हिस्सा मध्यम या कम आय वाले देशों में उत्पादित होता है।’ रिपोर्ट के मुताबिक यह कहना गलत है कि नकली माल सिर्फ बड़ी कंपनियों को ही नुकसान पहुंचाता है। इससे छोटे ब्रैंड्स भी बुरी तरह से प्रभावित होते हैं। सबसे ज्यादा हैंडबैग, परफ्यूम, मशीनरी पार्ट्स और फुटवेअर जैसे आइटम्स में फेक प्रॉडक्ट्स की भरमार है।