सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आजम खां ने दाखिल किया जबाब

लखनऊ। इस साल अगस्त माह में यूपी के NH-91 पर बुलंदशहर के हाइवे पर हुए मां बेटी के साथ हुए सामूहिक बलात्कार मामले को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक हिल गया था लेकिन इस दौरान लगातार अखिलेश सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर काफी हाय तौबा मची थी। इस प्रकरण में कूदते हुए सपा के कैबिनेट मंत्री और अपने बयानों के लिए मशहूर आजम खां की ओर से एक विवादित टिप्पणी दी गई थी जिसको लेकर काफी हंगामा हुआ था । पीडिता की ओर से उसके पिता ने आजम समेत इस प्रकरण गैर जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर FIR दर्ज करने की मांग की थी।

Azam Khan

मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर आजम खां से दिए गये बयान पर जबाब तलब किया था लेकिन जबाब ना आने पर अब इस मामले में नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार से भी जबाब मांगा है। अब इस मामले में सरकार के साथ आजम खां की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

इसके बाद आनन-फानन में आजम खां ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के साथ जबाब दाखिल करते हुए कहा कि मैनें कभी पीड़िता को परेशान करने की नियति से बयान नहीं दिया था। मेरे बयान को मीडिया ने गलत ढंग से पेश किया था। उन्होने अपने जवाब के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की CD भी सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे के साथ दाखिल की है। फिलहाल इस प्रकरण के साथ वे विपक्षी पार्टियों पर हमलावर रहे । उन्होने विपक्षी दलों पर साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा सरकार में हुए जितने दंगे हुए है वो सभी विपक्षी दलों की देन हैं।