राजस्थान के रेलवे स्टेशनों में संस्कृति की झलक, अनोखी चित्रकला कर रही आकर्षित

सवाईं माधोपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है तब ये हजारों लोग इस अभियान से जुड़ गए हैं और इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग तरीके भी अपना रहें हैं। इसी कड़ी में राजस्थान का नाम भी जुड़ गया है। राजस्थान के रेलवे विभाग ने रेलवे स्टेशन को स्वच्छ और आकर्षित बनाने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरु की है जिसके तहत न केवल रेलवे स्टेशन को साफ रखा जाएगा बल्कि उसे एक थीम में भी परिवर्तित किया जाएगा।painting

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक रेल विभाग ने हर प्लेटफार्म पर लोककला को बढ़ावा देने के लिए एक आकर्षित पेटिंग लगवाई है, इस बारे में रेलवे के प्रवक्ता तरुण जैन ने बताया कि स्टेशन को साफ रखने के साथ साथ हमने ये भी कोशिश की है कि लोककला को बढ़ावा मिले। लेकिन लोगों की भी भागेदारी होनी चाहिए। सौ लोग मिलकर स्टेशन को सुन्दर बना सकते हैं लेकिन जब तक हजारों लोग, जो इस स्टेशन का इस्तमाल रोजाना करते हैं वे इस मुहिम में शामिल नहीं होगे, तब तक ये सफल नहीं बनेगा।

रेलवे विभाग की इस मुहिम के चलते रेलवे स्टेशन को देखकर आपको ऐसा लगेगा जैसे कि आप स्टेशन का ही नहीं बल्कि यहां की संस्कृति से भी परिचित हो रहें हैं। जयपुर से जोधपुर और उदयपुर से बीकानेर, हर रेलवे स्टेशन को अलग चित्र शैली से संवारा गया है। अजमेर में किशनगढ़ शैली की बनी-ठनी के चित्र देखने को मिलते है तो सवाईं माधोपुर में बाघ और वन्य जीवों से जुड़ी बेहतरीन चित्रकला देखने को मिलती है तो वहीं उदयपुर के रेलवे स्टेशन में श्रीनाथजी मंदिर में होने वाले पिछवाई चित्र शैली की राधा कृष्ण पेंटिंग आपको देखने को मिलेगी।