30 साल का सफर पूरा कर चुका ‘www’, इंटरनेट के जन्मदिन पर गूगल मना रहा जश्न

30 साल का सफर पूरा कर चुका ‘www’, इंटरनेट के जन्मदिन पर गूगल मना रहा जश्न

एजेंसी, नई दिल्ली। सर्च इंजन गूगल और ऐसी ढेरों वेबसाइट्स का वजूद इंटरनेट की वजह से ही है और आज गूगल ने अपना खास डूडल ‘वर्ल्ड वाइड वेब’ के नाम बनाया है। गूगल ने world wide web (www) की 30वीं सालगिरह पर यह डूडल बनाया है। किसी भी वेबसाइट से पहले लगा www उसमें प्रदर्शित होने वाले अलग-अलग रीसोर्सेज और डॉक्यूमेंट्स का ग्रुप होता है, जो आपस में जुड़कर वेबसाइट बनाते हैं। इसकी खोज करने का श्रेय वैज्ञानिक टिम बर्नर ली को दिया जाता है।

दुनिया को इंटरनेट का तोहफा देने वाले टिम बर्नर ली इंग्लैंड में जन्मे और शुरुआती पढ़ाई के बाद से ही उनका जुड़ाव इस दिशा में हुआ। क्वींस कॉलेज और ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के बाद 1976 में उन्हें फिजिक्स में डिग्री मिली। उन्हें गणित की भी अच्छी जानकारी थी। उन्हें हमेशा माता-पिता का समर्थन मिला। जेनेवा स्थित यूरोपीय नाभिकीय अनुसंधान संगठन (CERN) में काम करने के दौरान टिम ने इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब तैयार किया। सबसे पहले इसका प्रयोग 1989 में टिम बर्नर ली की सर्न लैब में ही किया गया था।

टिम ने 1980 के समय से ही इस दिशा में कदम बढ़ाए थे। सर्न लैब में 1984 में एक फेलो के तौर पर उन्हें काम करने का मौका मिला। लैब में कई तरह के ढेर सारे कंप्यूटर्स थे, जिनपर अलग-अलग फॉरमैट में डेटा स्टोर किया जाता था। टिम का काम इस डेटा को एक से दूसरे कम्प्यूटर तक सही तरीके से पहुंचाने का था। यहीं उनके दिमाग में एक सवाल आया कि क्या कोई ऐसा तरीका हो सकता है, जिससे सभी सूचनाओं और डेटा को एकसाथ पिरोया जा सकता है। इसका हल उन्हें वर्ल्ड वाइड वेब के रूप में मिला।

वर्ल्ड वाइड वेब को पहले सर्न ने अपने अधिकार में ही रखा था, लेकिन बाद में 1992 में इसे जारी कर दिया गया। अगले साल 1993 से पूरी दुनिया को इसका ऐक्सेस मिल गया। वर्ल्ड वाइड वेब क्या है, इसे समझने के लिए हम एक वेबपेज का उदाहरण ले सकते हैं। इस पेज में टेक्स्ट, फोटोज, विडियोज और बाकी मल्टीमीडिया आपको दिखता है। इन्हें आपस में जोड़ने के लिए हाइपरलिंक की मदद ली जाती है। इंटरनेट से इन फाइल्स को पाने का तरीका ही डबल्यूडबल्यूडबल्यू है क्योंकि यह सभी फाइल्स और पेजेस को आधार प्रदान करता है।