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विप्रो का कैपको पर अधिग्रहण, लंदन स्थित कंपनी कैपको को 145 करोड़ डॉलर में ख़रीदा

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लंदन – आईटी कंपनी विप्रो द्वारा लंदन स्थित कंपनी कैपको को 145 करोड़ डॉलर में खरीद लिया गया है। 30 जून 2021 को समाप्त होने वाली तिमाही में इस सौदे के पूरा होने की संभावना है। सौदा पूरी तरह से कैश में होगा।

विप्रो का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण –
बताया जा रहा है कि आईटी कंपनी विप्रो द्वारा किसी कंपनी पर किया गया यह अधिग्रहण अभी तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है। चूकिं यह सौदा पूरी तरह कैश में होगा इसीलिए विप्रो के शेयर में लगातार चार दिनों से लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। बता दे कि कैपको (Capco) अमेरिका, यूरोप और एशिया-पैसिफिक रीजन की वित्तीय संस्थाओं को टेक्नोलॉजी सर्विस देती है। इस डील के बाद विप्रो की पहुंच सीधे 30 क्लाइंट तक हो जाएगी। डील की फंडिंग कैश और कर्ज के जरिए की जाएगी, जबकि कैपको से 70 करोड़ डॉलर का रेवेन्यू भी मिलेगा।

इस अधिग्रहण पर क्या कहना है लांस लैवी का –
कंपनी कैपको के सीईओ लांस लैवी ने कहा कि कोविड-19 के बाद मार्केट में मजबूती आएगी। वित्तीय संस्थान हमारी उम्मीद से तेज गति से नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे है।उनके अनुसार यह मांग अगले कुछ साल तक बनी रह सकती है। ज्यादा से ज्यादा कंपनियां सिंगल सर्विस प्रोवाइडर की मांग कर रही हैं। दिसंबर के आखिर में विप्रो के बुक में 45,234 करोड़ का कैश था। इस डील के बाद आशा की जा रही है कि विप्रो के पास इससे अधिक कैश होगा। साथ ही बता दे कि विप्रो के सीईओ-एमडी थियेरी डेलापोर्ट के अनुसार वित्तीय संस्थान पहले की तुलना कहीं ज्यादा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। गार्टनर के सीनियर डायरेक्टर एनालिस्टन डीडी मिश्रा के मुताबिक यह डील विप्रो के कंस्लटिंग क्षमताओं को भी बढ़ाएगी और इसे इस दिशा में एक बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभरने का मौका मिलेगा।

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