moon 2 हमारे सौरमंडल के किस ग्रह के पास हैं सबसे ज्यादा चंद्रमा ? क्या आप जानतें हैं?

हमारे सौरमंडल में मौजूद सभी आठ ग्रहों के पास प्राकृतिक उपग्रह या चंद्रमा मौजूद हैं। ये उपग्रह एक निश्चित समय में अपने ग्रह की परिक्रमा करते हैं। ठीक वैसे ही जैसे चंद्रमा हमारी पृथ्वी की परिक्रमा करता है। क्या आप जानते हैं कि हमारे सौरमंडल के किस ग्रह के पास सबसे ज्यादा उपग्रह हैं?

ग्रहों के पास प्राकृतिक उपग्रह या चंद्रमा का मौजूद होना कोई नई बात नहीं है। ऐसा कोई भी ग्रह नहीं है जिसके पास ग्रह या फिर प्राकृतिक चंद्रमा नहीं हो। अगर हम आपसे पूछें कि किस ग्रह के पास सबसे ज्यादा उपग्रह या चंद्रमा हैं तो यकीनन आपका जवाब वृहस्पति ग्रह होगा, लेकिन वो पुरानी बात हो चुकी है। वृहस्पति से सबसे ज्यादा उपग्रह या चंद्रमा होने का तमगा छिन चुका है। आज हम एक ऐसे ग्रह के बारे में बताने वाले हैं, जिसके उपग्रहों की संख्या 1 और 2 नहीं बल्कि 82 है। ये 82 उपग्रह अपने ग्रह की परिक्रमा करते रहते हैं। बड़ी बात यह है कि इनमें से 20 उपग्रहों को तो दो साल पहले ही खोजा गया है।

शनि के पास सबसे ज्यादा 82 उपग्रह

सौरमंडल में 82 उपग्रहों यानी चंद्रमा वाले इस ग्रह का नाम शनि है। आज से दो साल पहले तक सबसे अधिक उपग्रहों के होने का तमगा बृहस्पति ग्रह के नाम था। लेकिन, 2019 में खगोलविदों ने शनि की परिक्रमा करते हुए 20 नए उपग्रहों की खोज कर इतिहास को बदल दिया। बृहस्पति के पास वर्तमान में 79 उपग्रह हैं। इन 20 नए उपग्रहों को कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस के स्कॉट एस शेपर्ड के नेतृत्व में एक टीम ने खोजा था।

एक समान साइज के हैं ये 20 नए उपग्रह

वैज्ञानिकों ने शनि के जिन नए उपग्रहों की खोज की है, उनमें से एक की परिभ्रमण कक्षा शनि से सबसे ज्यादा दूर है। इन ग्रहों की साइज लगभग एक समान ही है। इनका व्यास करीब 5 किलोमीटर के आसपास है। 20 में से दो उपग्रहों को शनि की परिक्रमा करने में 2 साल का समय लगता है, जबकि बाकी के 18 उपग्रहों को ऐसा करने में तीन साल से अधिक का समय लगता है।

किसी बड़े उपग्रह के टुकड़े होने का अनुमान

अन्य ग्रहों के प्राकृतिक उपग्रहों की तुलना में शनि के ये नए उपग्रह एक समान कक्षा में परिक्रमा करते हैं। इनकी कक्षाएं पहले से ज्ञात शनि के बाकी के उपग्रहों से मिलती जुलती हैं। ऐसे में इन उपग्रहों के झुकाव को देखकर वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ये सभी किसी बड़े उपग्रह के टुकड़े हो सकते हैं, जो पहले से शनि की परिक्रमा कर रहा था।

बड़े रहस्य से उठ सकता है पर्दा

खगोलविदों का मानना है कि इन इन छोटे उपग्रहों और हमारे सौरमंडल के बड़े उपग्रहों के बीच के संबंध का अध्ययन करने से उन्हें बड़ी जानकारी मिल सकती है। इन वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे धरती के बनने के रहस्य से भी पर्दा उठ सकता है। हवाई द्वीप पर स्थित मौना किया में लगे हुए सुबारू टेलिस्कोप से वैज्ञानिकों ने पहली बार इन उपग्रहों को देखा था

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