Bharat Khabar | महिलाओं में शीघ्रपतन | Special News in Hindi

जिस तरह पुरुषों को शीघ्रपतन की समस्या होती है, उसी तरह महिलाओं में शीघ्रपतन की समस्या देखी जा सकती है। हालांकि, यह थोड़ी अलग हो सकती है। महिलाओं में शीघ्रपतन तब होता है, जब सेक्स के दौरान महिला का मूत्रमार्ग से किसी तरह का द्रव बाहर निकालता है। हालांकि, यह तब हो सकता है जब महिला सेक्स के लिए उत्तेजित हो जाती हैं लेकिन, यह जरूरी नहीं कि यह सेक्स के दौरान ही हो। महिलाओं का जननांग अंदर की ओर होता है, इसलिए उनके शीघ्रपतन के बारे में पता नहीं लग पाता है। जिसके बारे में अधिकतर महिलाएं खुद अंजान हो सकती हैं।

महिलाओं में शीघ्रपतन पर अभी भी रिसर्च किए जा रहे हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी वैज्ञानिकों के पास नहीं है लेकिन, महिलाओं में शीघ्रपतन पूरी तरह से सामान्य माना जाता है। महिलाओं में शीघ्रपतन भी समस्या भी पुरूषों की तरह तरह शारीरिक और मानसिक कमजोरी के कारण हो सकता है। बता दें कि, महिलाओं में शीघ्रपतन की तुलना में यह समस्या पुरुषों को होना ज्यादा कॉमन प्रॉब्लम माना जाता है। दुनिया भर के लगभग 30 से 40 फीसदी पुरुषों को इसकी समस्या होती है।

 

महिलाओं में शीघ्रपतन क्यों होता है? 

एक गायनोकोलॉजिस्ट  के मुताबिक, लाखों पुरुषों को प्रीमैच्योर इजेक्युलेशन की समस्या होती है, जिसका सबसे बड़ा कारण साइकोलॉजिकल स्ट्रेस होता है। ठीक इसी तरह, महिलाओं को भी साइकोलॉजिकल स्ट्रेस बहुत प्रभावित करता है, जिसकी वजह से महिलाओं में भी शीघ्रपतन की समस्या देखी जा सकती है।

महिलाओं में शीघ्रपतन एक तरल पदार्थ के तौर पर होता है, जो 30 और 150 मिलीलीटर के बीच हो सकता है। इस तरल की बूंद इतनी अधिक हो सकती है कि बेडशीट और कपड़ों में लग सकता है।

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महिलाओं में शीघ्रपतन के मुद्दे पर यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिख की क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट टीम ने रिसर्च की थी, जिसमें 1500 विदेशी महिलाओं को शामिल किया था। इस रिसर्च में शामिल 40 फीसदी महिलाओं का सोचना था कि इजेक्युलेशन यानी शीघ्रपतन कंट्रोल करने के लिए इंटरकोर्स या सेक्स के दौरान संतुष्टि होना बेहद जरूरी होता है जबकि, कई महिलाओं का ये भी सोचना था कि महिलाओं में प्रीमैच्योर इजेक्युलेशन का कारण इंटरकोर्स के कम समय की वजह से होने वाला सेक्शुअल फ्रस्ट्रेशन भी होता है। इसके अलावा, महिलाओं ने ये भी माना कि सेक्शुअल संतुष्टि सिर्फ इंटरकोर्स से ही नहीं, बल्कि किसिंग, प्यार करने के अंदाज और साथी के छूने पर भी निर्भर करती है।

महिलाओं में शीघ्रपतन कैसे समझें?

महिलाओं में शीघ्रपतन पर साल 2014 में एक अध्ययन किया गया, जिसमें माना गया कि शीघ्रपतन के तौर पर बाहर आने वाला द्रव मूत्र की मात्रा हो सकती है, क्योंकि यह द्रव मूत्राशय से आता है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यूरिया, क्रिएटिनिन और यूरिक एसिड सांद्रता-मूत्र के सभी प्रमुख घटकों का अध्ययन किया।, जिसमें पाया गया कि द्रव मूत्र नहीं है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि कई महिलाएं सेक्स करने से पहले बाथरूम जाती हैं। यह तरल पदार्थ दूधिया रंग का होता है, जो स्किन की ग्रंथियों से आता है।

आमतौर पर महिलाओं में शीघ्रपतन के दो अलग-अलग प्रकार हैं:

पहला, तरल पदार्थ होता है, जो आमतौर पर रंगहीन और गंधहीन होता है और यह बड़ी मात्रा में हो सकता है।
दूसरा, द्रव के तौर पर हो सकता है। यह पुरुष वीर्य के जैसा दिखता है। यह गाढ़ा और दूधिया रंग का होता है। इसमें प्रोस्टेटिक एसिड फॉस्फेट्स (पीएसए) होता है, जो पुरुष वीर्य में मौजूद एक एंजाइम है, जो शुक्राणु को गतिशीलता देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तरल पदार्थ में मौजूद पीएसए और फ्रुक्टोज स्किन की ग्रंथियों से आता है। इन ग्रंथियों को पैरायूरेथ्रल ग्रंथियां, गार्टर वाहिका और महिला प्रोस्टेट के नाम से भी जाना जाता है।

महिलाओं में शीघ्रपतन के फायदे

अध्ययनों का यह भी कहना है कि योनि से होने वाले स्खलन से एक स्राव प्रदान कर सकता है, जो यूटीआई से रक्षा कर सकता है या इसमें जिंक जैसे रोगाणुरोधी घटक भी हो सकते हैं।

 

क्या है इसका अंकड़ा?

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर सेक्शुअल मेडिसिन के अनुसार, केवल 10 से 50 फीसदी महिलाओं में ही शीघ्रपतन की समस्या देखी जाती है। इसके अलावा, अधिकतर महिलाओं को कभी इसके बारे में पता भी नहीं चलता है। महिलाओं में शीघ्रपतन के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

महिलाओं में शीघ्रपतन के उपचार के लिए घरेलू नुस्खें

अश्वगंधा पाउडर और मिश्री का सेवन

महिलाओं में शीघ्रपतन की समस्या दूर करने के लिए 5 ग्राम अश्वगंधा पाउडर में बराबर मात्रा में मिश्री मिलाकर उसका सेवन हल्के गुनगुने दूध के साथ दिन में दो बार करें। लगातार कुछ दिनों तक इसके नियमित सेवन से शीघ्रपतन की समस्या में लाभ मिलेगा।

मूसली पाउडर 

दिन में दो बार गर्म दूध के साथ 4 ग्राम मूसली पाउडर का सेवन करें। इसके जल्द ही शीघ्रपतन की समस्या में आराम मिलता है।

जामुन की गुठली भी है लाभकारी 

 
जामुन की गुठली को सूखाकर उसका पाउडर बनाएं। नियमित तौर पर 3 ग्राम मात्रा में इसका सेवन दूध या पानी के साथ दिन में दो बार करें। यह भी महिलाओं में शीघ्रपतन की समस्या का उपचार करने में मददगार साबित हो सकता है।

शिलाजीत का सेवन करें

सुबह-शाम एक गिलास दूध में आधी चुटकी से भी कम मात्रा में शिलाजीत का पाउडर मिलाकर उसका सेवन करें। आमतौर पर शिलाजीत का इस्तेमाल सिर्फ सर्दियों में ही करना चाहिए। क्योंकि यह बहुत ही गर्म होता है। इसलिए इसकी बहुत ही कम मात्रा का सेवन करें।

हरी प्याज से करें शीघ्रपतन की समस्या का इलाज

हरी प्याज का सेवन भी महिलाओं में शीघ्रपतन (Premature Ejaculation) की समस्या को रोकने का सबसे अच्छा विकल्‍प हो सकता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए हरी प्‍याज के बीजों को पीसकर पानी में मिलाएं। फिर इस मिश्रण को दिन में तीन बार भोजन के पहले पिएं। ऐसा आपको लगातर एक महीने तक करना होगा।

लहसुन से भी मिलेगा शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा

लहसुन के फायदे अनेक हैं। यह शीघ्रपतन में भी फायदा दे सकता है। इसके लिए आप हर रोज तीन से चार कच्चे लहसुन की कलियां खाएं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से आपको इस शीघ्रपतन की समस्या से राहत मिलने लगेगी।

note:-किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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