हम मेहनतकश सारी दुनिया मांगेंगे….जानिए श्रमिक दिवस का इतिहास

हम मेहनतकश सारी दुनिया मांगेंगे….जानिए श्रमिक दिवस का इतिहास

नई दिल्ली। आज विश्व के कई देशों में लेबर डे यानी की मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस मनाने वाले देशों में भारत भी शामिल है। श्रम दिवस के अवसर पर विश्व की लगभग सभी कंपनियां अपने मजदूरों को अवकाश देती है। भारत के अलावा विश्व के लगभग 80 देशों में आज के दिन अवकाश होता है। श्रम दिवस के अवसर पर देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर सभी श्रमिकों को शुभकामनाएं दी हैं।

राष्टपति ने लिखा कि श्रम दिवस पर हमारे मेहनती श्रमिक भाई-बहनों को बधाई और शुभकामनाएं। हमारे अनगिनत श्रमिक भाईयों के अनुशासन और समर्पण से हमारे देश का निर्माण हो रहा है और वे एक नए भारत की नींव रख रहे हैं। भारत के श्रमिक हमारे सच्चे राष्ट्र निर्माता हैं। वहीं गूगल ने भी इस दिवस पर चार चांद लगा दिए हैं। अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर गूगल ने आज के दिन दुनियाभर के श्रमिकों की याद में विशेष डूडल बनाया है। इसमें रबर,किताब,चम्मच,प्लायर,पाइप,सुरक्षा हेमलेट और बैटरी बनाई गई है। 

क्यों मनाया जाता का श्रमिक दिवस 

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस को मनाने की शुरुआत 1 मई 1886 में की गई थी। इस दिन अमेरिका के मजदूर संघों ने मिलकर ये निश्चय किया कि वे आठ घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे। इसके लिए उन्होंने देशभर में हड़ताल शुरू कर दी। वहीं इस हड़ताल के दौरान शिकागो की हेमार्केट में बम विस्फोट हुआ, जिससे निपटने के लिए पुलिस ने मजदूरों पर गोली चला दी और कई मजदूरों की मौत हई गई।

इसके बाद 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन में ऐलान किया गया कि हेमार्केट हत्याकांड में मारे गए निर्दोष श्रमिकों की याद में एक मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और इसके साथ ही कामगारों व श्रमिकों का अवकाश होगा। भारत में मजदूर दिवस कामकाजी लोगों के सम्‍मान में मनाया जाता है। भारत में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिन्‍दुस्‍तान ने 1 मई 1923 को मद्रास में इसकी शुरुआत की थी। हालांकि उस समय इसे मद्रास दिवस के रूप में मनाया जाता था।