September 27, 2021 11:52 am
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मिर्जापुरः गंगा में बढ़ा जलस्तर, 500 गांवों से टूटा संपर्क, जलमग्न हुई फसलें

मिर्जापुरः गंगा में बढ़ा जलस्तर, 500 गांवों से टूटा संपर्क, जलमग्न हुई फसलें

मिर्जापुरः पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर मैदानी इलाकों में नदियों में आए उफान से साफ देखा जा सकता है। जहां गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, वहीं गंगा की सहायक कर्णावती नदी भी उफान पर है, जिसके चलते तटवर्ती इलाकों में पानी घुसना शुरू हो चुका है। जिसके चलते कई गांव चपेट में आ चुके हैं।

गांवों में पानी घुसने की वजह से किसानों की सैकड़ो बीघे फसलें चौपट होने की कगार पर है। इस दौरान अकोढ़ी बबुरा मार्ग भी बाधित हो गया है। जिसके चलते कई गावों से संपर्क टूट गया है।

गंगा नदी का जलस्तर 4 सेंटीमीटर प्रतिघंटे की दर से बढ़ रहा है। वहीं, जिले में खतरे का निशान 77.724 मीटर है। शनिवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक गंगा जल का स्तर 76.040 मीटर तक पहुंच गया था।

कई गांव का टूटा संपर्क

बाढ़ का पानी गांवों में घुसने लगा, जिसके चलते घरों के अंदर भी पानी घुसने लगा है। इतना ही नहीं अकोढ़ी-बबुरा माग्र पर बने पुल के ऊपर से पानी बहने के कारण ये पूरा रास्ता बाधित हो गया है। पुल बाधित होने के कारण दर्जन से ज्यादा गांवों को आवागमन बंद हो जायेगा।

नाव की मांग

बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों की बढ़ती परेशानी को देखते हुए अब गांव वाले नाव चलाने की मांग कर रहे हैं। गांव के रहने वाले बऊ सिंह ने कहा कि पुल बाधित होने की वजह से काफी दिक्कत हो रही है। उन्होंने का कि अगर प्रशासन नाव की व्यवस्था करा दे तो आवागमन आसान हो जायेगा।

जिले में गंगा का जलस्तर जब भी खतरे के निशान को पार करता है तो सदर और चुनार तहसील के 500 गांव प्रभावित होते हैं। 9 सितंबर 1978 को गंगा का जलस्तर 8.34 मीटर तक पहुंच गया था, जिसकी भयावह स्थिति आज भी लोग याद करते थे।

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