baikunth dham कोरोना का कहर : यूपी के इस जिले में शव जलाने के लिए लगी वेटिंग, जानिए क्‍या है पूरा मामला
लखनऊ के भैंसाकुंड बैकुंठ धाम पर कतार से लगीं एंबुलेंस अपनी बारी का इंतजार करती हुईं

लखनऊ। कोरोना का कहर अब विकराल रूप लेता दिखाई दे रहा है। इसका भयानक रूप का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शवों को जलाने के लिए अब वेटिंग की स्थिति आ गई है। आठ आठ घंटे लाइन में खड़े होकर कोरोना से मौत के काल में समाये लोगों का अंतिम संस्‍कार किया जा रहा है।

लखनऊ के बिजली वाले शवदाह गृह में बुधवार को आठ आठ घंटे की लाइन लगी रही। जिसकी वजह से बैकुंठ धाम पर एंबुलेंस की कतार लग गई। हाथों में टोकन लिए स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी बारी बारी से अपना इंतजार कर रहे थे।

कई कर्मचारियों ने बताया कि अंतिम संस्‍कार कराने में ही उनका पूरा समय चला जा रहा है। एक शव का अंतिम क्रियाकर्म कराकर जब तक वे कमांड सेंटर पहुंच रहे हैं तब तक दूसरी मौत की सूचना आ जा रही है। हालात इतने भयावह हैं कि लखनऊ का बैकुंठ धाम मानों काशी के श्‍मशान घाट बन गए हों जहां 24 घंटे लाशें जलती रहती हैं।

कोरोना की इतनी बड़ी भयावहता के बाद भी लोग सबक लेने का नाम नहीं ले रहे हैं। सार्वजनिक स्‍थानों पर जमकर भीड़ इकट़ठा रही है। मास्‍क का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।

आपको बता दें कि यूपी में 24 घंटे में 6023 नए कोरोना के मरीज मिले हैं। जिसमें से कोरोना से 40 मरीजों की मौत हो गई है। यूपी में कोरोना से अबतक 8964 मौतें हो चुकी हैं। अगर जिलों की बात करें तो लखनऊ में सबसे ज्यादा 1333 कोरोना के मामले आए हैं। जबकि 6 मरीजों की मौत हुई है। वहीं प्रयागराज में 811, वाराणसी में 593, कानपुर नगर में 300, झांसी में, मेरठ में 126, गौतमबुद्धनगर में 125 केस मिले हैं।

आज कुल 27 शव आए थे। जिनमें से 16 भैंसाकुंड के बैकुंठ धाम पर और 11 गुलाला घाट पर शव जलाए गए। इनमें से अधिकांश शव लखनऊ के बाहर के थे। विवाद और संक्रमण से बचाव के लिए टोकन सिस्‍टम लगाया गया था। क्‍योंकि कोरोना मरीजों का अंतिम संस्‍कार करने के लिए प्रोटोकॉल का पालन जरूरी है।

रामनगीना त्रिपाठी, चीफ इंजीनियर, आर आर विभाग, नगर निगम, लखनऊ।

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