वृंदावन कुंभ: सप्‍त देवालयों की शोभायात्रा से भक्तिमय हुई ब्रज नगरी

मथुरा: वृंदावन कुंभ पूर्व वैष्‍णव बैठक मेले के अवसर पर रविवार को ब्रज नगरी में सप्त देवालयों की शोभा यात्रा निकाली गई। इस शोभा यात्रा से बांके बिहारी की नगरी का कोना-कोना भक्ति रस से सराबोर हो गया।

वृंदावन कुंभ में सप्त देवालय राधा दामोदर, राधारमण, मदनमोहन, गोपीनाथ, गोविंददेव, राधा गोकुलानंद और राधा श्याम सुंदर मंदिर साधारण देवालयों से सर्वथा अलग हैं। इन मंदिरों में अधिकांश के विगृह स्वयं प्राकट्य हैं। राधारमण मंदिर की प्रबंध संमिति के सचिव आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया कि सप्‍त देवालयों की शोभा यात्रा इन्‍हीं मंदिरों के पास से प्रारंभ हुई और वृंदावन के प्रमुख मार्ग से होती हुई कुंभ क्षेत्र में संतों के शिविरों से होती हुई यमुना किनारे पहुंची।

 

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भक्तिमय हुई ब्रज नगरी

उन्‍होंने बताया कि आज कुंभ में विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं में सप्त देवालयों के श्री विगृह की आराधना करने की होड़ सी लग गई। शोभायात्रा पर जगह-जगह पुष्प वर्षा हुई और आरती उतारी गई। वहीं, मंदिरों के महंतों भी का माल्यार्पण कर उन्हें पटुका भेंट की गई। शोभायात्रा में जहां बग्घी रूपी डोले में ठाकुर के श्रीविगृह विराजमान थे तो वहीं बैंड की धार्मिक धुन, भजन-कीर्तन मंडलियों के भजन-कीर्तन, श्रद्धालुओं के नृत्य और संगीत से ब्रज नगरी भक्तिमय हो गई। करीब दो घंटे कुंभ क्षेत्र में रहने के बाद यह शोभायात्रा अपने-अपने मंदिरों में वापस पहुंच गई। इस दौरान सुरक्षा व्‍यवस्‍था भी पुख्‍ता रही।

 

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जन कल्‍याण के लिए हुईं भगवान श्रीकृष्‍ण की लीलाएं

वहीं, कुंभ मेला स्थित ब्राह्मण सेवा संघ के शिविर में आचार्य सुरेश चंद्र शास्त्री ने श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत व्यास पीठ से कहा कि, भगवान श्री कृष्ण की सभी लीलाएं लोकरंजन एवं जन कल्याण के लिए हुई थीं। वे सभी रहस्यों से परिपूर्ण जन कल्याण की भावना में निहित प्रेम, सद्भाव, संस्कार, संस्कृति, सुख एवं समृद्धि के मूलभूत सिद्धांतों की स्थापनाओं के लिए थीं।

 

photo4 वृंदावन कुंभ: सप्‍त देवालयों की शोभायात्रा से भक्तिमय हुई ब्रज नगरी

 

‘यमुना को प्रदूषण से मुक्‍त करने के लिए करें प्रयास’

उन्होंने कहा कि, प्रभु की लीलाएं गौ, ब्राह्मण एवं संतजनों की रक्षा व अत्याचारियों का अंत करने के लिए हुई थीं। उन्होंने पूतना बध, तृणावर्त उद्धार, शकटासुर, धेनुकासुर, यमलार्जुन, केशी उद्धार, माखन चोर आदि लीलाओं का रोचक वर्णन करते हुए कहा कि यमुना प्रदूषण की समस्या पहले भी रही है। कालिया नाग यमुना को मैला कर यमुना में बसेरा कर रहा था और भगवान श्रीकृष्ण ने उसको यहां से जाने को विवश किया और यमुना को प्रदूषण से मुक्त कराया। उन्होंने कहा कि, हमें भगवान श्रीकृष्ण से प्रेरणा लेनी चाहिए और वर्तमान में यमुना में हो रहे प्रदूषण को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।

 

photo 4 वृंदावन कुंभ: सप्‍त देवालयों की शोभायात्रा से भक्तिमय हुई ब्रज नगरी

 

इस अवसर पर सभी भक्‍तों ने गिरिराज महाराज की छप्पन भोग की झांकी के दर्शन किए। श्रीमद् भागवत सप्ताह भक्ति ज्ञान यज्ञ में प्रमुख रूप से आचार्य आनंद बल्लभ गोस्वामी, कार्ष्णि नागेंद्र महाराज, विमल चैतन्य ब्रह्मचारी, पंडित चंद्र लाल शर्मा, पंडित सत्यभान शर्मा, पंडित जगदीश नीलम, आनंद द्विवेदी, लाला व्यास गोवर्धन, लक्ष्मी गौतम, चीनू शर्मा और सुनील कौशिक आदि उपस्थित रहे।

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