ठेकों के आवंटन के लिए किये गए उत्तराखंड की नई आबकारी नीति में कई बदलाव

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश में नई आबकारी नीति में बदलाव किए गए हैं। सीएम रावत ने इसके लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश में शराब के ठेकों का आवंटन अब ई-नीलामी के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश मंत्रिमंडल की बीते सोमवार को हुई बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी प्रदान कर दी गई, जिसमें यह प्रावधान किया गया है। इसके अलावा शराब दुकानों का ठेका चार के समूह में भी लिया जा सकेगा। शर्त यह होगी कि इन दुकानों के बीच की दूरी 20 किलोमीटर से अधिक की ना हो।

बता दें कि प्रदेश में शराब की दुकानों का आवंटन अभी तक लाटरी से होता था। नई आबकारी नीति में इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है। खनन के पट्टों की ई-नीलामी में मिली भारी सफलता को देखते हुए शराब के ठेकों के लिए ई-नीलामी को अनिवार्य कर दिया गया है। पड़ोसी जनपदों से होने वाले शराब की तस्करी को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है कि यूपी की सीमा से लगने वाले जनपदों में शराब के ठेकों के खुलने का समय सुबह के 10 बजे से रात के 11 बजे तक होगा। अन्य जनपदों में शराब में शराब के ठेके सुबह के 10 बजे से रात के 10 बजे तक खुलेंगे।

वहीं नकली और घटिया शराब की बिक्री को रोकने के लिए होलोग्राम में ट्रैक एंड ट्रेस की व्यवस्था होगी। इसके पता चल सकेगा कि जिस बोतल पर होलोग्राम लगा है कि वह डिस्टलरी से निकलकर कहां पहुंची है। नई आबकारी नीति में कैंटीन से बेचे जाने वाली शराब पर 10 फीसदी असेस्मेंट शुल्क लगाने की व्यवस्था की गई है। एलएली-2 और सीएल-2 की व्यवस्था यथावत रहेगी।