एक दिन में दो लाख लोगों को कोरोना टीका लगाकर यूपी रचेगा नया कीर्तिमान

दुनियाभर में कोरोना की नई-नई वैक्सीन बनाई जा रही हैं। तो वहीं वैक्सीन बना रही कंपनियों ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए दो डोज को कम माना है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वैक्सीन बनाने वाली फाइजर कंपनी ने कहा है कि उसकी वैक्सीन की तीसरी बूस्टर डोज लोगों को लेनी पड़ सकती है। जोकी दूसरी डोज के 6 से 12 महीने के अंदर दी जा सकती है।

फाइजर कंपनी के CEO ने बताया

दरअसल फाइजर कंपनी के सीईओ ने एक निजी इंटरव्यू में बताया कि अगर किसी को वैक्सीन की दो डोज लग चुकी है, तो हो सकता है उसके बाद भी उसे तीसरे बूस्टर की जरूरत पड़ें। इसके अलावा भी हर साल कोरोना वायरस की वैक्सीन लगवानी पड़ सकती है। जानकारी हो कि भारत में भी कोरोना वायरस वैक्सीन के तीसरे डोज की तैयारी चल रही है। जिसे बूस्टर डोज कहा जा रहा है।

‘पड़ सकती है तीसरे डोज की जरूरत’

अल्बर्ट बोर्ला ने कहा कि कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए की तीसरे डोज की जरूरत महसूस हो रही है। जिस तरह से कोरोना वायरस के नए-नए और बेहद खतरनाक स्ट्रेन आने से लोगों के संक्रमित होने की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं मौत की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए इन सबको देखते हुए तीसरे बूस्टर डोज की जरूरत पड़ सकती है।

‘तीन और कंपनियों को लगाया’

वहीं वैक्सीन की कमी पर सरकार ने कहा है कि तीन और कंपनियों को वैक्सीन के काम में लगाया गया है। साथ ही भारत बायोटेक की टीका निर्माण क्षमता को भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार का कहना है कि मई या जून तक ववैक्सीन की उत्पादन क्षमता दोगुनी, और जुलाई तक 6 से 7 गुनी हो जाएगी।

बता दें कि अभी अप्रैल में एक करोड़ डोज बन रही है। वहीं जुलाई-अगस्त तक इसके 6 से 7 करोड़ डोज हर महीने बनने की उम्मीद है।

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