मार्च महीने में एक करोड़ लोगों को टीका लगाने की तैयारी, सीएम ने दिए निर्देश

लखनऊ: मार्च महीने के दौरान उत्तर प्रदेश में कोविड-19 से निपटने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, इसी के चलते एक करोड़ लोगों को टीका लगाने की रणनीति बनाई गई है। इसके बारे में सरकार ने सभी अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए हैं।

इस महीने कोरोना पर बड़ा प्रहार

टेस्टिंग के साथ-साथ टीकाकरण करने की प्रक्रिया को भी तेजी से बढ़ाने की तैयारी है। अलग-अलग जिलों में इसके लिए रणनीति बना दी गई है। जिले की आबादी को कुल 4 वर्गों में बांट कर टीकाकरण किया जाएगा। प्रतिदिन 10,000 से लेकर 4,000 के बीच लोगों को टीका लगाने की योजना है।

इसके पहले भी सरकार लगातार लोगों को जरूरी दिशा निर्देशों का पालन करने की सलाह दे रही है। पिछले दिनों एक दिन में सर्वाधिक 3.36 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी, इसी लक्ष्य को अब बढ़ाकर कर 5.5 लाख करना है।

अगर मार्च महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो अभी तक 11.51 लाख लोगों को टीका लग गया है। इस आंकड़े को बढ़ाकर इस महीने में एक करोड़ करने की तैयारी है। बचे हुए लोगों को भी तेजी से टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

आबादी के हिसाब से होगा टीकाकरण

प्रदेश के अलग-अलग जिलों को आबादी के हिसाब से वर्गीकृत किया जा रहा है। 40 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों में एक दिन में 10,000 लोगों को टीका लगेगा। वहीं 25 लाख तक की आबादी वाले जिलों में रोजाना 8000 लोग वैक्सीन ले पाएंगे।

जिन जिलों की आबादी 24 लाख से 15 लाख के बीच है, वहां प्रतिदिन 6000 लोगों को टीका लगेगा। वहीं 15 लाख से कम की जनसंख्या वाले जिलों में 4000 लोगों को एक दिन में वैक्सीन लगाने की योजना है।

रैंडम टेस्टिंग से संक्रमण पर लगेगी रोक

टीकाकरण की गति को बढ़ाकर कोविड-19 पर नियंत्रण लगाने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही होली का त्यौहार भी आने वाला है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने रैंडम टेस्टिंग की भी नीति को अपनाने का फैसला लिया है। टीम बनाकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में टेस्टिंग करके वायरस के प्रभाव को जांचा जाएगा।

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