एक साल विश्वास का, ईमानदारी का और विकास का

उत्तराखंड में त्रिवेंद्र संह रावत की सरकार को एक साल पूरा हो चुका है। भ्रष्टाचार पर कड़े कदम उठाने की प्राथमिकता को लेकर बीजेपी सरकार सत्ता में आई थी और काफी हद तक इस एक साल में त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने इस वादे पर खरे उतरते नज़र भी आए हैं।  कांग्रेस को राज्य में करारी शिकस्त देकर बीजेपी ने यहां अपनी सरकार बनाई थी।

  1. भ्रष्टाचार पर मुख्यमंत्री का बड़ा प्रहार

भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ा कदम उठाते हुए राज्य में जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन को लागू किया। जन शिकायतों के निस्तारण के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1905  शुरू किया गया।  खनन से लेकर हर विभाग में ई टेंडरिंग प्रणाली लागू की गई। इसके साथ ही एन.एच 74 मुआवजा वितरण में कई आरोपियों को गिरफ्तार करने के अलावा पुलिस थानों और उनके कार्यों के नर्वाहन के लिए विशेष धनराशि जारी की गई।।

2. कृषि उद्यान और किसान को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

सूबे में 1 लाख 25 हज़ार किसानों को पं दीनदयाल उपाध्याय किसान कल्याण योजना का लाभ दिया गया। इसके साथ ही राज्य में बीजेपी ने लगभग किसानों को महज़ 2 फीसदी ब्याज दर पर 570 करोड़ रुपए का कर्ज़ भी मुहैया कराया। रावत सरकार ने राज्य में 2022 तक किसानों की आय कारय योजना दूनी करने का लक्ष्य भी तैयार किया है। प्रदेश को ऑर्गेनिक हर्बल बनाने के लिए 1500 करोड़ की कार्य योजना को भी मंजूरी मिल गई है।

3. पर्यटन

सूबे में पर्यटन को बढ़ाने के लिए सीएम ने 13 डिस्ट्रिक्स 13 न्यू डेस्टिनेशन योजना का  शुभ मुहरत किया। जिसके चलते ऋषिकेश में कन्वेनशन सेन्टर की स्थापना की गई है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में धार्मिक पर्यटन के साथ रोमांचक पर्यटन के लिए रूपरेखा भी तैयार की गई है। इसको रोजगार से जोड़ कर भी देखा जा रहा है क्योंकि सूबे में पर्यटन बढ़ेगा तो युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।

 

4. ग्रामीण एवं औद्यौगिक विकास

 

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठया है। जिसके चलते सूबे में 670 न्यया पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा MSME क्षेत्र में 2663 ईकाइयों की स्थापना की गई है और इन इकाईयों से 15066 लोगों को रोजगार मिला है। सूबे में सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग एण्ड टैक्नोलॉजी के लिए भी भूमि का चयन किया गया है।

5. ऊर्जा

 

त्रिवेंद्र सरकार के वादों में एकअहम वादा यह भी था कि गांवों के लोगों को भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी जिसके चलते सूबे के 99.60 फीसदी गांवों का विद्युतीकरण किया जा चुका है। इस कवायद के चलते 1500 करोड़ की दुनाव जल परियोजना का लोकार्पण भी किया गया है। सूबे में उजाला मित्र योजना के जरिए एल.ई.डी बल्बों का वितरण
और हरिद्वार महाकुम्भ क्षेत्र में भूमिगत विद्युतीकरण के लिए 200 करोड़ रूपए खर्च किए गए थे।

 

6. जल संसाधन

 

देहरादून में रिस्पना और अलमोड़ा में कोसी के पुनर्जीवीकरण का अभियान शुरू किया जा चुका है। देहरादून में सूर्यधार झील परियोजना के द्वारा 24 गांवों की जलापूर्ति की जाएगी।
जिससे 34600 लाख लीटर तक पानी के संचय की क्षमता में वृद्धि होगी।

 

7. स्वास्थ्य

 

राज्य सरकार ने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती की है। इसके साथ ही नए चिकित्सकों की भर्ती का रास्ता भी साफ किया है। दूर के इलाकों में 159 दंत चिकित्सकों को भी नियुक्त किया जाएगा। सूबे में कई ई-हेल्थ सेंटर भी स्थापित किएगए हैं जिनमें 50-60 जांचों की सुविधाएं हैं। राज्य में 55 चिकित्सालयों को ऑन लाइन किया गया है।

8. शिक्षा

कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का शैक्षिक कैलेण्डर लागू किया गया है। इसके साथ ही महाविद्यालयों में ई-पुस्तकालय की स्थापना का भी निर्णय लिया गया है। 100 रिसर्च स्कॉलरों को स्कॉलरशिप मिलेगी। सभी प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड के साथ शौचालयों की व्यवस्था की गई है और सभी विद्यालयों में एनसीआरटी की पुस्तकें लागू की गई हैं।

9. सड़क, रेल, हवाई परिवहन

सूबे में लोक निर्माण के कामों के लिए 630 करोड़ की राशि को आवंटित किया गया है।  चारधाम ऑलवेदर रोड़ को लेकर काम प्रगति पर है और रेल मार्ग से ऋषिकेश और कर्ण प्रयाग के साथ रूड़की और देवबंद को जोड़ने का काम भी जोरों पर है। इसके साथ ही भारतमाला परियोजना में 13 हजार करोड़ की लागत से 570 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत
250 से अधिक की आबादी वाले सभी गांवों में संपर्क मार्ग बनाने का काम शुरू किया जा चुका है। उड़ान योजना के तहत दूरस्थ इलाकों में सस्ती हवाई सेवा का भी शुभारम्भ किया जा चुका है।

10. स्वच्छता अभियान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छता अभियान की योजना को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की नेतृत्व वाली सरकार ने बहुत ही शानदार तरीके से पूरा किया है। इसको लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय और कामों को सरकार ने संपादित भी किया है। उत्तराखंड ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में शौच मुक्त होने वाला देश का चौथा राज्य बन गया है। जिसके लिए इसे भारत सरकार द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। स्वच्छता अभियान को लेकर सूबे में मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार की सार्थक पहल रंग लाई है। इस दिशा में लगातार सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं।

11. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति महिला सशक्तिकरण और सैनिक कल्याण

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, महिला सशक्तिकरण और सैनिक कल्याण के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने कई ठोस कदम उठाते हुए इस बारे में कई कामों को अंजाम दिया है। इसके साथ ही इन सभी के सन्दर्भ में कई ठोस निर्णय लिए गए हैं। डीबीटी के अन्तर्गत राज्य खाद्य योजना की सब्सिडी अब लाभार्थियों को खातों में मिलेगी। अतिकुपोषण के शिकार बच्चों के लिए ऊर्जा योजना शुरू की गई है। राज्य की सड़कों पर रख-रखाव के लिए महिला स्वंय सहायता समूहों को रोजगार मिला है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ड्यूटी पर शहीद सैनिकों और अर्द्ध सैनिकों के आश्रितों को राज्य सरकार रोजगार देगी।

12. सबको आवास, शहरी विकास, सूचना प्रौद्योगिकी

सूबे में सुलभ आवास और शहरी विकास के साथ सूचना प्रौद्योगिकी की सहजता के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली सरकार लगातार प्रयासरत है। इस दिशा में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाते हुए कई निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सबके लिए सुलभ आवास होगा। 1.25 लाख किफायती आवास देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत प्रथम चरण में 10049 आवास को स्वीकृत मिली है और 224 निर्मित किए गए हैं। 41 नगर निकायों की सीमाओं का विस्तारीकरण किया जा चुका है।  भौगोलिक क्षेत्रफल से लगभग 60 फीसदी क्षेत्र का शहरीकरण किया जाने का टारगेट रखा गया है। सुदूर और ग्रामीण इलाकों  सूचना प्रौद्योगिकी की धमक तक होगी इसके लिए बैलून टैक्नोलॉजी से ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी मिलेगी। सूबे की सभी राशन दुकानों को कॉमन सर्विस सेन्टर के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे आम जनता को सहजता से आवश्यक प्रमाण पत्र मिलेंगे।