September 21, 2021 11:24 pm
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में उत्तराखंड का जवान शहीद

उत्तराखंड.jpg शहीद जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में उत्तराखंड का जवान शहीद

देहरादून। उत्तराखंड बहुत मुश्किल वक्त से गुजर रहा है। एक तरफ राज्य सरकार प्रदेश के भीतर कोरोना से लड़ाई लड़ रही है, तो वहीं देवभूमि के जांबाज देश की सीमा पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों के खिलाफ चले ऑपरेशन में उत्तराखंड ने भी अपने दो जवानों को खो दिया। एक जवान रुद्रप्रयाग का है, जबकि दूसरा जवान पौड़ी का रहने वाला है। दोनों के घरों में इस वक्त मातम पसरा है। परिजन बिलख रहे हैं।

बता दें कि रूद्रप्रयाग  जिले से जिस जवान ने अपनी शहादत दी है, उनका नाम देवेंद्र सिंह राणा है। देवेंद्र सिंह राणा बसुकेदार तहसील के तिनसोली गांव के रहने वाले थे। हवलदार के पद पर कार्यरत देवेंद्र पैरा रेजिमेंट का हिस्सा थे। वो पिछले 18 साल से देश की सेवा कर रहे थे। जवान देवेंद्र सिंह का परिवार रायवाला के छिद्दरवाला गांव में किराये के मकान में रहता है। 

देवेंद्र चाहते थे कि बच्चे पढ़-लिखकर कुछ बन जाएं, इसलिए गांव की बजाय बच्चों को शहर में पढ़ा रहे थे। बच्चे हमेशा की तरह इस बार भी पापा के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अफसोस की इन मासूमों का इंतजार अब कभी खत्म नहीं होगा। देवेंद्र तो नहीं लौटे, लेकिन रविवार को उसने जुड़ी बुरी खबर जरूर घर पहुंची। शहीद देवेंद्र का बेटा आयुष कक्षा छह में है, जबकि बेटी आंचल कक्षा 7 में पढ़ती है। 

दोनों रायवाला के आर्मी स्कूल में पढ़ते हैं। घर में शहीद की पत्नी विनिता और मां कुंवरी देवी और एक छोटा भाई भी है। पूरे परिवार की जिम्मेदारी देवेंद्र पर ही थी। उनकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। देवेंद्र सिंह की शहादत की सूचना मिलते ही शहीद का परिवार सेना के वाहन से गुप्तकाशई रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हो गया। शहीद के गांव में भी मातम पसरा है। 

शहीद देवेंद्र सिंह राणा के पार्थिव शरीर को गांव लाया जा रहा है। जहां मंदाकिनी के तट पर उन्हें सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी उत्तराखंड के शहीद जवानों की शहादत को नमन करते हुए, उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार शहीदों के परिजनों के साथ हर समय खड़ी है।

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