वेंटिलेटर पर है उत्तराखंड का पर्यटन विभाग, चारधाम यात्रा से जगी है उम्मीद

देहरादून। ​साल 2013 में आई आपदा के बाद सूबे में पर्यटन उद्योग वेंटीलेटर पर पहुंच गया है। बीते सालों के आंकड़ों को देखें तो साल 2013 के पहले पहले सूबे में पर्यटन उद्योग अपने चरम पर था। साल 2011 के आंकड़ों पर गौर करें तो चारधाम यात्रा में अकेले 28,64,889 लोग यात्रा पर आए थे। जिसमें यमुनोत्री में 4,48,945, गंगोत्री में 4,85,137,केदारनाथ में 4,00,511, वहीं बद्रीनाथ में 9,36,172 यात्री आए। वहीं साल 2012 में चारधाम यात्रा में अकेले 27,23,311 लोग यात्रा पर आए थे। जिसमें यमुनोत्री में 3,36,791 गंगोत्री में 3,73,768,केदारनाथ में 5,73,040, वहीं बद्रीनाथ में 9,41,092 यात्री आए। तो साल 2013 में आपदा तक आए यात्रियों का आंकड़ा भी कम ना था।

बता दें कि चारधाम यात्रा में अकेले 11,88,073 लोग यात्रा पर आए थे। जिसमें यमुनोत्री में 96,943, गंगोत्री में 95,418,केदारनाथ में 3,33,656, वहीं बद्रीनाथ में 4,97,386 यात्री आए। तो आपदा के बाद यहां पर्यटन जगत में काफी गिरावट दर्ज की गई। साल 2014 के आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि कुल 3,33,088 यात्रियों ने ही चारधाम की ओर रूख किया। इसके बाद से आंकड़ा बढ़ना शुरू हुआ। साल 2015 में में आंकड़ा 8,72,529 तक जा पहुंचा तो वहीं साल 2016 में में ये दूना होगा। साल 2016 में तकरीबन 15,13,545 लोग यात्रा पर आए तो वहीं साल 2017 में में आंकड़ा तकरीबन 23,22,611 तक जा पहुंचा।

वहीं आने वाली 18 अप्रैल की तारीख को देवभूमि की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। इसकी चाक-चौबंद तैयारियों को लेकर विभाग जुटा है। विभाग की माने तो लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आने वाली 18 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट खुल जाएंगे। इसके साथ ही 28 अप्रैल को केदारनाथ और 29 को बद्रीनाथ के कपाट खुलेंगे। ऐसे में प्रशासन पूरी तरह से अपनी तैयारियों को अन्तिम रूप देने में जुटा है। आने वाली दिनों में एक बार फिर देवभूमि के पर्यटन उद्योग को चारधाम यात्रा का ही सहारा दिखाई दे रहा है। यात्रा की तैयारियों को लेकर जब पर्यटन विभाग की सहायक कार्यकारी ज्योति नीरज खैरवाल ने जानकारी देते हुए कहा कि मुख्य तौर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टैंट लगाने का कार्य होता है।

साथ ही जिसको लेकर विभाग की सारी तैयारी पूरी हो चुकी है। एक दो काम भी आने वाली 18 तारीख तक पूरे कर लिए जाएंगे।इसके साथ ही विभाग इस बार बीते साल से अधिक श्रद्धालुओं की आमद होने के कयास पहले से ही लगा चुका है। इसको लेकर कई तरह के प्रचार तंत्रों का भी विभाग ने सहारा लिया है। विभाग की माने तो इस बार आंकड़ा एक नया रिकॉर्ड कायम करेगा। हांलाकि साल 2013 में आपदा के बाद से साल 2017 चारधाम यात्रा के लिहाज से सबसे ज्यादा यात्री को लाने वाला वर्ष बना है।